Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: Supreme Court order flouted; firecrackers still being sold despite expiry of the permitted period.

दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां, बिक रहे हैं पटाखे, लोगों को पता नहीं... दुकानदार को परवाह नहीं

Sun, 08 Nov 2026 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा सनी सिंह, नई दिल्ली
सनी सिंह, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Nov 2026 06:09 AM IST
सार

बिक्री की मियाद शुक्रवार को खत्म होने के बावजूद शनिवार को एनसीआर के बाजारों में पटाखे धड़ल्ले से बिकते नजर आए।

विज्ञापन
Delhi: Supreme Court order flouted; firecrackers still being sold despite expiry of the permitted period.
demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री के लिए बुधवार से शुक्रवार तक की मोहलत दी थी। शनिवार से किसी भी तरह के पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लागू था। दिल्ली के बाजारों में इस आदेश का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल शनिवार को दिल्ली से लेकर उसके सीमावर्ती इलाकों तक की गई तो स्थिति चिंताजनक नजर आई। 

विज्ञापन


बिक्री की मियाद शुक्रवार को खत्म होने के बावजूद शनिवार को एनसीआर के बाजारों में पटाखे धड़ल्ले से बिकते नजर आए। ग्रीन पटाखों तक सीमित रहने वाली बिक्री में सामान्य और प्रतिबंधित पटाखों की उपलब्धता भी पड़ताल के दौरान सामने आई। जब बिक्री पर रोक लग चुकी है, तो बाजारों में पटाखों की दुकानदारी किसके इशारे पर चल रही है, यह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।
विज्ञापन


लाइसेंसधारी पटाखा कारोबारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने चार से छह नवंबर तक केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी थी। इसके लिए लाइसेंस, प्रमाणन और क्यूआर कोड जैसी शर्तें तय की गई थीं। सात और आठ नवंबर को केवल निर्धारित समय में आतिशबाजी की अनुमति थी। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर रेहड़ी-पटरी वाले धड़ल्ले से पटाखे बेचते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाइसेंसधारियों पर नियमों का डंडा, अवैध कारोबारियों की मौज
इस पड़ताल में सबसे बड़ा विरोधाभास वैध और अवैध कारोबार के बीच दिखाई दिया। एक ओर लाइसेंस लेकर कारोबार करने वाले दुकानदारों को नियमों, प्रमाणन और समयसीमा का पालन करना पड़ा। उन्हें बिक्री के लिए केवल तीन दिन मिले। वहीं दूसरी ओर बिना लाइसेंस और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री जारी रही। वैध कारोबारियों का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों के लिए यह दोहरी मार है। उनका निवेश और बचा हुआ स्टॉक भी चिंता का कारण बना हुआ है।

कल कहां -क्या होता रहा...
भोपुरा : दिल्ली से सटे भोपुरा में सुबह करीब 11 बजे पटाखों की धड़ल्ले से बिक्री होती नजर आई। यहां लोग तेज आवाज वाले पटाखे खरीदकर ले जाते दिखे। हालांकि, जब दुकानदारों ने पुलिसकर्मियों को वीडियो रिकॉर्ड करते देखा तो वे कहने लगे कि इन सभी अस्थायी दुकानों को बंद कराया जा रहा है। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि शनिवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया है। जब उसे बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे बेचने की अनुमति केवल शुक्रवार तक ही दी थी, तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।

छोटा बाजार, शाहदरा : दोपहर करीब 12:30 बजे छोटा बाजार, शाहदरा में हर तरह के पटाखे खुलेआम बिकते नजर आए। यहां शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को पटाखों के दाम करीब चार गुना तक बढ़े हुए दिखाई दिए।

सदर बाजार : दोपहर करीब दो बजे सदर बाजार में उमड़ी भारी भीड़ को पार कर जब हम बाजार के अंदर पहुंचे तो यहां भी रेहड़ी-पटरी पर पटाखों की बिक्री जारी मिली। दुकानदार कादिर से जब हमने ग्राहक बनकर बड़े पटाखे मांगे तो वह उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने लगा। उसका रवैया ऐसा था, मानो वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अनजान हो।

लाइसेंसधारियों के लिए छह नवंबर आखिरी तारीख थी, लेकिन अगर अब भी पटाखे बिक रहे हैं तो समझ नहीं आ रहा कि नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों पर सख्ती और अवैध कारोबारियों को छूट क्यों दी जा रही है।  

- सुनील जैन, अध्यक्ष, दिल्ली फायरवर्क्स शॉपकीपर्स एसोसिएशन

तीन दिन में कारोबार समेटने का आदेश लाइसेंसधारियों पर लागू हुआ। इतनी कम अवधि में व्यापार भी नहीं हो पाया। लेकिन प्रतिबंध के बाद भी सदर बाजार में किसके इशारे पर रेहड़ी-पटरी पर पटाखों की अवैध बिक्री हो रही है? कार्रवाई सिर्फ वैध दुकानदारों पर ही क्यों होती है?
- नरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, फायरवर्क्स वेलफेयर ट्रेडर्स एसोसिएशन, सदर बाजार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed