दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी: प्रतिबंधित पीएलए के वांछित सदस्य को दबोचा, मणिपुर में दर्ज है केस
क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित पीएलए कैडर आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी को गिरफ्तार किया। वह मणिपुर में यूएपीए के दो मामलों में वांछित था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और जांच के बाद उसे यूसुफ सराय से पकड़ा।
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक कथित सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मणिपुर निवासी आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी (35) के रूप में हुई है। वह मणिपुर के थौबल थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज दो मामलों में वांछित था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस के हवाले कर दिया।
क्राइम ब्रांच के वेस्टर्न रेंज-1 की टीम को तीन सितंबर को सूचना मिली थी कि पीएलए से जुड़ा एक वांछित आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में टीम ने उसकी तलाश शुरू की। तकनीकी निगरानी के दौरान उसकी लोकेशन एम्स के आसपास मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन जांच में उसके नाम का कोई मरीज भर्ती नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने यूसुफ सराय, सफदरजंग एन्क्लेव और ग्रीन पार्क के होटलों में जांच की। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। आरोपी की तस्वीर उपलब्ध नहीं होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। लगातार प्रयासों के बाद टीम ने यूसुफ सराय इलाके से पूर्वोत्तर भारत के एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।
पूछताछ में उसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और किसी उग्रवादी संगठन से संबंध होने से इनकार किया। इसके बाद उसकी तस्वीर मणिपुर पुलिस को भेजी गई। वहां से पहचान की पुष्टि होने पर पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके चाचा पीएलए के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और बाद में वह भी संगठन से जुड़ गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ थौबल थाने में वर्ष 2024 और 2026 में यूएपीए के तहत मामले दर्ज हैं। मणिपुर पुलिस की टीम के दिल्ली पहुंचने और जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को उसके हवाले कर दिया गया।