अवैध संबंधों का शक: युवक को पहले शराब पिलाई, नशे में हो जाने पर चाकू मारकर ली जान, फिर शव के साथ किया ये काम
टीम में तैनात हवलदार राहुल कुमार को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी पप्पू कुमार उर्फ कबीर गया, बिहार में छिपा हुआ है। एसीपी नरेश कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर पवन कुमार व राकेश, एएसआई गोविंद सिंह व राजेश कुमार की टीम ने गया, बिहार जाकर आरोपी पप्पू कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पैरोल मिलने के बाद फरार हुए हत्या आरोपी पप्पू कुमार उर्फ कबीर को गया, बिहार से गिरफ्तार किया है। फरार होने के बाद कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। आरोपी पप्पू ने अवैध संबंधों के संदेह में नरेश नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। पप्पू को संदेह था कि नरेश के उसकी पत्नी से अवैध संबंध हैं।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार एसीपी नरेश कुमार की टीम में तैनात हवलदार राहुल कुमार को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी पप्पू कुमार उर्फ कबीर गया, बिहार में छिपा हुआ है। एसीपी नरेश कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर पवन कुमार व राकेश, एएसआई गोविंद सिंह व राजेश कुमार की टीम ने गया, बिहार जाकर पप्पू कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
यह था मामला
निहाल विहार पुलिस थाना क्षेत्र में 12 नंवबर, 2016 को करीब 25 वर्षीय युवक का शव मिला था। मृतक नरेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 नवंबर, 2016 में नांगलोई थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता महिला ने मृतक युवक की पहचान अपने पति नरेश कुमार के रूप में की। पीड़ित महिला ने बताया था कि उसका पति नरेश आखिरी बार पप्पू कुमार उर्फ कबीर से मिलने गया था।
आरोपी पप्पू कुमार उर्फ कबीर को शक था कि मृतक नरेश का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। इस बात को लेकर दोनों के बीच में 5 नवंबर, 2016 को झगड़ा भी हुआ था। स्थानीय थाना पुलिस ने आरोपी पप्पू को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह नरेश को मशीन खरीदने के बहाने 19 नवंबर को माता चौक, सुखी नहर के पास ले गया। जहां उन्होंने शराब पी और पप्पू कुमार ने नरेश को चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने मोबाइल से नरेश के शव की फोटो लीं।
कोविड काल में पैरोल मिली थी
आरोपी पप्पू को कोविड-19 महामारी के दौरान दिनांक 27 जून, 20 को पैरोल दी गई थी। पैरोल मिलने के बाद वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना बदलकर किसी अज्ञात स्थान पर छिप गया। वह निर्धारित समय पर जेल अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं हुआ और बाद उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया था।