{"_id":"6856727e6dac579a390e6f81","slug":"delhi-police-arrested-mastermind-of-cyber-fraud-from-jamtara-2025-06-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"साइबर फ्रॉड का मास्टरमाइंड निकला इंजीनियर: एप डाउनलोड करवाते ही उड़ा देता था पैसे, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर फ्रॉड का मास्टरमाइंड निकला इंजीनियर: एप डाउनलोड करवाते ही उड़ा देता था पैसे, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा
Sat, 21 Jun 2025 02:21 PM IST
अनुज कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 21 Jun 2025 02:21 PM IST
सार
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने ठगी के एक गैंग का खुलासा किया है। गैंग के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जो झारखंड के जामताड़ा से दबोचा है। आरोपी ने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली पुलिस की टीम ने झारखंड के जामताड़ा से ऑपरेट होने वाले एक साइबर गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। जो केवाईसी के नाम पर लोगों को ठगा करता था। आरोपी ने खनन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है।
विज्ञापन
एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जामताड़ा साइबर धोखाधड़ी गिरोह के एक खनन इंजीनियर को एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ा है। आरोपी ने दिल्ली की एक महिला से आठ लाख 10 हजार रुपये की ठगी की थी। इस शख्स ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सात हाई-एंड एप्पल आईफोन और एक मैकबुक खरीदा था।
विज्ञापन
आरोपी का नाम अजय कुमार मंडल बताया जा रहा है, जो झारखंड के जामताड़ा से पकड़ा है। आरोपी को झारखंड समेत पश्चिम बंगाल और मिजोरम में की गई जांच के बाद गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
आरोपी ने केवाईसी सत्यापन के बहाने बैंक अधिकारी बनकर दिल्ली की एक महिला से ठगी की थी। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता को एक रिमोट-एक्सेस एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए कहा। जिसके इस्तेमाल करने से मोबाइल फोन पर उसका कंट्रोल हो गया। पीड़िता के खाते से पैसे ट्रांसफर किए गए।
पुलिस ने आगे कहा कि ठगी के पैसों का इस्तेमाल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सात हाई-एंड एप्पल आईफोन और एक मैकबुक खरीदने के लिए हुआ। इतना ही नहीं अक्सर पहचान से बचने के लिए डिजिटल वाउचर का इस्तेमाल करता था। फर्जी पहचान, प्रॉक्सी मोबाइल नंबर और कई आईपी एड्रस का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाता था। साइबर फोरेंसिक टीम ने आईपी लॉग, सिम एक्टिविटी और आईएमईआई ट्रेसिंग के माध्यम से मंडल को ट्रैक किया।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सफलता तब मिली जब जांच टीम ने झारखंड के गिरिडीह से एक साथ काम कर रहे दो संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की। जांच के बाद, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से चोरी के पैसे से खरीदा गया एक आईफोन बरामद किया गया।