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Delhi : दो दिन चली शादी...तीन साल तक चला तलाक का मुकदमा, एकतरफा तलाक को मंजूरी

Sat, 10 May 2025 05:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 10 May 2025 05:43 AM IST
सार

यह मामला न केवल व्यक्तिगत रिश्तों की कठिनाइयों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कानूनी प्रक्रियाएं लंबी हो सकती हैं।

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Delhi: Marriage lasted for two days...divorce case went on for three years, one-sided divorce approved
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

तीस हजारी कोर्ट ने एक बेटी की शिकायत को जायज पाते हुए उसे एकतरफा तलाक की अनुमति दे दी। 17 अक्तूबर 2022 को हुआ यह विवाह मात्र दो दिन चला लेकिन इसे खत्म करने के लिए कानूनी लड़ाई करीब तीन साल तक चली। 

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न्यायाधीश एमपी सिंह ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश सबूतों से साफ है कि दूल्हे की शारीरिक अक्षमता के कारण विवाह पूरा नहीं हो सका। लड़की की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता रवि दराल ने बताया कि उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 12(एक)(ए) के तहत विवाह को शून्य घोषित करने की याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि लड़का विवाह के लिए शारीरिक रूप से अक्षम था। 
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लड़की ने कोर्ट में दिए गए अपने बयान में बताया कि हनीमून के लिए आगरा और ग्वालियर गए, लेकिन वहां भी शारीरिक संबंध स्थापित नहीं हुए। लड़की ने कोर्ट को बताया कि उपचार और दवाओं के बाद भी कुछ फर्क नहीं पड़ने पर दोबारा कभी नहीं मिले। 
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मामले की सुनवाई के दौरान वर पक्ष ने शुरू में अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में हाजिरी दी, लेकिन बाद में न तो वे और न ही उनके  अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने कोई लिखित जवाब भी दाखिल नहीं किया, जिसके चलते 11 अक्तूबर 2023 को उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही शुरू हो गई। लड़की की गवाही और उसकी ओर से पेश किए गए सबूतों को कोर्ट ने सही माना। 


विशेषज्ञ बोले, दोनों पक्षों में विवाह पूर्व बात जरूरी
यह मामला न केवल व्यक्तिगत रिश्तों की कठिनाइयों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कानूनी प्रक्रियाएं लंबी हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए ताकि समय और संसाधनों की बर्बादी से बचा जा सके।

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