महात्मा गांधी की समाधि पर दान पात्र रखने पर HC ने लगाई फटकार, कहा- ये राष्ट्रपिता का अपमान
हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर दान पात्र रखे जाने पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान बताया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राजघाट समाधि समिति से पूछा है कि दान पात्र किसने लगवाया है और उसमें जमा होने वाला पैसा कहां जाता है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने कोर्ट को बताया कि यह दान पात्र हरिजन सेवक संघ ने लगाया है।
इस संस्था की शुरुआत खुद गांधी जी ने की थी और जमा होने वाला पैसा इस संस्था को दिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि दान पात्र को महात्मा गांधी की समाधि पर नहीं रखा जाना चाहिए। समाधि का सम्मान होना चाहिए और उसकी उचित देखभाल होनी चाहिए।
कोर्ट ने मामले की तारीख 30 जनवरी तय की
खंडपीठ ने याची के वकील को खुद राजघाट की देखभाल व नागरिक सुविधाओं का जायजा लेने और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को बताने के लिये कहा है। मुख्य अभियंता इन्हें ठीक करवाएगा।
कोर्ट ने नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को शीघ्र सुनने और उनका निबटारा करने का निर्देश राजघाट समाधि समिति को दिया है। कोर्ट ने मामले की तारीख 30 जनवरी तय करते हुए उससे पहले रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि कोर्ट ने राजघाट पर सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति खराब होने की जानकारी सामने आने के बाद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निरीक्षण करने का निर्देश 24 नवंबर को दिया था।