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दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी: पति-पत्नी के रूप में रहने का फैसला करते हैं तो परिवार हस्तक्षेप नहीं कर सकता

Sun, 24 Jul 2022 04:59 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 24 Jul 2022 04:59 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब दो वयस्क पति और पत्नी के रूप में एक साथ रहने के लिए सहमत हो जाते हैं तो उनके परिवार सहित तीसरे पक्ष से उनके जीवन में कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता है।

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Delhi High Court says family cannot interfere if they decide to live as husband and wife
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दो सहमति वाले वयस्क पति-पत्नी के रूप में एक साथ रहने का फैसला करते हैं तो उनके परिवार के किसी भी सदस्य को हस्तक्षेप करने का हक नहीं है। उक्त टिप्प्णी करते हुए अदालत ने परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी करने वाले जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश पुलिस को दिया है।

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न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि यह न केवल राज्य का कर्तव्य है, बल्कि मशीनरी और एजेंसियों को भी यह सुनिश्चित करना है कि देश के नागरिकों को कोई नुकसान न हो। अदालत ने कहा हमारे ढांचे के तहत संवैधानिक न्यायालयों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए आदेश पारित करने का अधिकार है, विशेष रूप से उस प्रकृति के मामलों में जिससे वर्तमान विवाद संबंधित है। एक बार जब दो वयस्क पति और पत्नी के रूप में एक साथ रहने के लिए सहमत हो जाते हैं तो उनके परिवार सहित तीसरे पक्ष से उनके जीवन में कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता है। हमारा संविधान भी इसे सुनिश्चित करता है।  
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कोर्ट ने विवाहित जोड़े की याचिका पर यह निर्देश दिया। याचिका में पुलिस सुरक्षा की मांग की गई थी। याची ने कहा उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की है। अदालत को बताया गया कि महिला के पिता उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से जुड़े हुए व्यक्ति है जो राज्य तंत्र को प्रभावित करने में सक्षम हैं। सभी तथ्यों को देखने के बाद दिल्ली पुलिस के संबंधित क्षेत्र के बीट अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले तीन सप्ताह के लिए दो दिनों में एक बार दंपति के आवास का दौरा करें। अदालत ने उन्हें किसी भी खतरे या आपात स्थिति के संबंध में याचिकाकर्ताओं की ओर से किसी भी कॉल के मामले में पुलिस अधिकारियों को तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया है।

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