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Delhi : हाईकोर्ट ने कहा- टैटू हटाने के बाद शेष बचे निशान के कारण रद्द नहीं की जा सकती उम्मीदवारी, याची को राहत
Sun, 11 Aug 2024 02:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 11 Aug 2024 02:19 AM IST
सार
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और गिरीश कठपालिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने वाले दीपक यादव की उम्मीदवारी को बरकरार रखने के केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के फैसले को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।
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Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा कि टैटू हटाने के बाद बचा हुआ निशान उम्मीदवार को दिल्ली पुलिस में भर्ती होने से नहीं रोक सकता। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और गिरीश कठपालिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने वाले दीपक यादव की उम्मीदवारी को बरकरार रखने के केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के फैसले को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।
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यादव को पहले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के लिए अयोग्य घोषित किया गया था, क्योंकि मेडिकल जांच के दौरान उसके दाहिने अग्रभाग पर टैटू का रंग फीका पड़ गया था। उच्च न्यायालय ने पाया कि उस समय उम्मीदवार ने टैटू हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
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जब मामला उच्च न्यायालय पहुंचा तब खंडपीठ ने पाया कि टैटू के स्थान पर अब उम्मीदवार के अग्रभाग पर एक बहुत ही धुंधला निशान दिखाई दे रहा था। पीठ ने कैट द्वारा उन्हें पहले दी गई राहत को बरकरार रखते हुए कहा कि कभी-कभी इस प्रकार के निशान प्राकृतिक होते हैं और यह निशान यादव की उम्मीदवारी को रद्द करने का आधार नहीं माने जा सकते।
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ऐसे में उसकी उम्मीदवारी रद्द करना न्याय की अवधारणा के विपरीत कदम है। ऐसे में कैट का आदेश बरकरार रखा जाए और याची की उम्मीदवारी बरकरार रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाए।