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दिल्ली हाईकोर्ट ने आईआईएमसी डीजी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
Fri, 13 Nov 2020 07:44 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 13 Nov 2020 07:44 PM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
हाईकोर्ट ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन (आईआईएमसी) के नए महानिदेशक की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि इस मामले में दुर्भावनापूर्ण नियुक्ति का कोई आरोप नहीं है, लिहाजा कोर्ट विशेषज्ञों की बुद्धिमत्ता द्वारा दिए गए निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती।
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न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि आईआईएमसी के डीजी के पद पर संजय द्विवेदी की नियुक्ति विशेषज्ञों की समिति द्वारा की गई और समिति को इस विषय की पूरी जानकारी है। पीठ ने कहा कि पद को भरने के लिए दिए गए विज्ञापन की शर्तों को संजय द्विवेदी पूरा करते हैं या नहीं, यह समिति भलिभांति जानती है। इसलिए याचिका में सुनवाई योग्य कोई तथ्य नहीं है। लिहाजा याचिका को खारिज किया जाता है।
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यह याचिका आशुतोष मिश्रा की ओर से दायर की गई। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया था कि डीजी के पद के लिए 25 वर्षों का अनुभव मांगा गया था। संजय द्विवेदी ने 1995 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और इसी वर्ष से उनका अनुभव गिना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी स्नातक डिग्री के आधार पर दिसंबर 2020 में उन्हें 25 साल का अनुभव हासिल होगा, इसलिए यह नियुक्ति मानकों के तहत नहीं है।
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वहीं आईआईएससी की ओर से दलील दी गई कि मीडिया या फिल्मों के क्षेत्र में काम करने के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक नहीं है और पद के लिए विज्ञापन में कहा गया है कि कार्य अनुभव पत्रकारिता या मीडिया या फिल्मों के क्षेत्र में होना चाहिए और द्विवेदी मानदंड को पूरा करते हैं।