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हाईकोर्ट का जेएनयू को निर्देश, एमफिल और पीएचडी कोर्सों में दाखिलों के नतीजे करे घोषित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:01 AM IST
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हाईकोर्ट ने जेएनयू को एमफिल व पीएचडी दाखिलों के नतीजे घोषित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अदालत ने दिव्यांग श्रेणी के नतीजे घोषित करने पर रोक जारी रखी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट ने 18 अप्रैल को केवल दिव्यांग श्रेणी के प्रवेश नतीजों पर रोक लगाई थी।
लिहाजा अन्य श्रेणी के नतीजे घोषित किए जाएं। दरअसल, जेएनयू में दाखिले के इच्छुक कई छात्रों ने एक आवेदन दायर कर एमफिल व पीएचडी के प्रवेश व वाइवा के नतीजों को घोषित करने में विलंब को चुनौती दी थी।
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नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड का कहना था कि दाखिले में वाइवा के लिए 100 प्रतिशत वेटेज दी गई है जो पूरी तरह गलत है। वहीं, जेएनयू का तर्क है कि 2018-19 के सत्र के लिए यूजीसी के 2016 के नियमों के तहत दाखिले किये जा रहे हैं।
यह नियम 2017-18 में ही लागू कर दिए गए थे। इसके तहत पांच प्रतिशत सीटों को केवल दिव्यांगों के लिये सुरक्षित रखने का प्रावधान है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट ने 18 अप्रैल को केवल दिव्यांग श्रेणी के प्रवेश नतीजों पर रोक लगाई थी।
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लिहाजा अन्य श्रेणी के नतीजे घोषित किए जाएं। दरअसल, जेएनयू में दाखिले के इच्छुक कई छात्रों ने एक आवेदन दायर कर एमफिल व पीएचडी के प्रवेश व वाइवा के नतीजों को घोषित करने में विलंब को चुनौती दी थी।
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नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड का कहना था कि दाखिले में वाइवा के लिए 100 प्रतिशत वेटेज दी गई है जो पूरी तरह गलत है। वहीं, जेएनयू का तर्क है कि 2018-19 के सत्र के लिए यूजीसी के 2016 के नियमों के तहत दाखिले किये जा रहे हैं।
यह नियम 2017-18 में ही लागू कर दिए गए थे। इसके तहत पांच प्रतिशत सीटों को केवल दिव्यांगों के लिये सुरक्षित रखने का प्रावधान है।