'गडकरी और केजरीवाल, आप दोनों ही शेर हैं'
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दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अरविंद केजरीवाल को मानहानि मामले में सौहार्दपूर्ण वातावरण में समझौता करने का सुझाव दिया है।
न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल व न्यायमूर्ति एसपी गर्ग की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान गडकरी व केजरीवाल के वकीलों से कहा कि दोनों लीडर सौहार्दपूर्ण वातावरण में हाथ मिलाकर इसे खत्म करें।
उन्होंने कहा कि मामला कुछ नहीं बल्कि अहम का है। शिकायत करने से आप दोनों में से कोई भी डर नहीं रहा। आप दोनों ही शेर हो, ऐसे छोटे से मुद्दे को लेकर समय खराब मत करो।
अभी भी अड़े हैं केजरीवाल
अदालत ने दोनों पक्षों को हल निकालकर 22 अगस्त को सूचित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने केजरीवाल के वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण को सुझाव दिया कि वे गडकरी के खिलाफ लगाए आरोप को वापस लें और गडकरी दायर मानहानि याचिका वापस ले लेंगे।
गडकरी की ओर से पेश अधिवक्ता पिंकी आनंद ने कहा कि यदि केजरीवाल आरोप वापस लेते हैं तो गडकरी भी याचिका वापस ले लेंगे। इस पर केजरीवाल के अधिवक्ता ने आरोप वापस लेने संबंधी सुझाव पर कोई उत्साह नहीं दिखाया।
उन्होंने कहा कि गडकरी पहले अदालत आए हैं और उन्होंने मानहानि याचिका दायर की है। ऐसे में समझौता संभव नहीं है। अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष मुवक्किलों से राय जानकर अदालत को बताएं।