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delhi crime: झगड़े से मना करने पर ई-रिक्शा चालक की हत्या, मुकुंदपुर में तड़तड़ाईं गोलियां; बंधक बनाकर पीटा

Sun, 19 Oct 2025 03:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 19 Oct 2025 03:39 AM IST
सार

घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी नेपाल निवासी ताजराज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चाकू बरामद कर लिया है।
 

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Delhi crime: E-rickshaw driver killed after refusing to fight
demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोहन गार्डन इलाके में झगड़े का विरोध करने पर मोहित नाम के ई-रिक्शा चालक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।  घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी नेपाल निवासी ताजराज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चाकू बरामद कर लिया है।

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द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 4 अक्तूबर की देर रात पुलिस को डीडीयू अस्पताल से एक युवक को चाकू लगने के बाद भर्ती कराए जाने की सूचना मिली। घायल युवक की पहचान सैनिक एन्क्लेव निवासी मोहित के रूप में हुई। वह बयान देने की हालत में नहीं था। डॉक्टरों ने उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर किया जहां उपचार के दौरान अगले दिन उसने दम तोड़ दिया। 
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पेशे से ई-रिक्शा चालक मोहित का हाल ही में किसी से झगड़ा हुआ था। पुलिस घटनास्थल के पास पहुंची, जहां मौजूद रणहौला निवासी सुनील ने बताया कि शुक्रवार रात ताजराज नेपाली अपने ई-रिक्शा के साथ ग्रोवर स्वीट्स के पास
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आया और झगड़ा करने लगा। इसी बीच मोहित आया और ताजराज नेपाली को ऐसा करने से मना किया। 

इस बात पर ताजराज नेपाली मोहित से झगड़ा करने लगा और इसी दौरान उसके पेट पर चाकू से वार कर उसे घायल कर दिया। थाना प्रभारी मुकेश अंतिल के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी के कई ठिकानों पर दबिश दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने एक सूचना पर आरोपी को शुक्रवार को इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

वीडियो बनाने से मना करने पर युवक पर किया हमला
डाबड़ी इलाके में वीडियो बनाने से मना करने पर एक युवक पर पेपर कटर से हमला कर उसे घायल कर दिया। घायल युवक को उसके दोस्तों ने पास के अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं हमलावर अपने दोस्त के साथ बाइक से भाग गया। पीड़ित के बयान पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। 

जानकारी के मुताबिक संजीव कुमार राजापुरी स्थित एक कंपनी के स्टोर में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। थाने में दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने बताया कि 15 अक्तूबर की रात वह स्टोर बंद कर अपने दोस्तों के साथ पास की पान की दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान उसने एक युवक को उन लोगों का वीडियो बनाते हुए देखा। उनके एक दोस्त ने युवक से वीडियो बनाने का कारण पूछा। इस पर युवक गाली गलौज करने लगा। 

उन लोगों ने युवक को गाली गलौज करने से मना किया तो उसने फोन कर एक साथी को मौके पर बुला लिया। उसका साथी बाइक से वहां पहुंचा। उसके आते ही वीडियो बना रहा युवक संजीव के दोस्त विकास के साथ हाथापाई करने लगा। 

संजीव झगड़ा में बीच बचाव करने लगे, तभी बाइक से आए युवक ने बैग से पेपर कटर निकाल लिया और संजीव पर हमला कर घायल कर दिया। पेपर कटर लगने से उनके पेट और हाथ में चोट लगी। उनके दोस्त संजीव को संभालने लगे, तभी दोनों आरोपी बाइक से वहां से भाग गए। दोस्तों ने घायल संजीव को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची। 

मुकुंदपुर इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा
भलस्वा डेयरी का मुकुंदपुर इलाका शुक्रवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। बाइक से आए 12 से अधिक हमलावरों ने एक युवक के घर पर चार से पांच राउंड फायरिंग की। गली में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। 
हालांकि गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ है। गोलीबारी करने के बाद युवक को जान से मारने की धमकी देकर सभी हमलावर भाग गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात में शामिल अंकित, मनीष और शिखर को गिरफ्तार कर लिया गया है। भागे हुए हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित युवक जतिन का कुछ लड़कों से विवाद हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए लड़कों ने गोलीबारी की है। जतिन अपनी मां गीता के साथ मुकुंदपुर इलाके में रहता है। 

गीता घरों में साफ-सफाई का काम करती है, जबकि जतिन पीओपी का काम सीख रहा है। गीता के पति की करीब दस साल पहले मौत हो चुकी है। गीता ने बताया कि शुक्रवार रात वह अपने बेटे को लेकर जैसे ही घर के अंदर गई। घर के सामने कई बुलेट बाइक आकर रुकीं, जिस पर करीब 10 से 12 लड़के सवार होंगे। 

बाइक सवार जतिन को घर से बाहर निकलने के लिए कह रहे थे लेकिन उसने बेटे को बाहर जाने नहीं दिया। इसी बीच बाइक सवारों ने घर पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। सूचना पर बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सहित पुलिस के सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

पुलिस ने क्राइम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाई। पुलिस को मौके से चार खोखे मिले। जांच के बाद पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि देर रात भलस्वा डेयरी थाना पुलिस को डी ब्लॉक मुकुंदपुर में गोलीबारी की सूचना मिली। 

मौके पर गीता और उनका बेटा जतिन मिला। जतिन ने बताया कि उसका और उसके दोस्तों का रात 9.30 बजे मच्छी बाजार चौक पर अंकित से झगड़ा हुआ था। इसके बाद अंकित अपने साथियों आयुष, राजा, शिखर उर्फ कबरिया और मनीष उर्फ तोतला के साथ बाइकों पर आए और गोलीबारी कर भाग गए। पुलिस उनकी तलाश कर 
रही है।

पांच लाख दो नहीं तो सीने में खाओ गोली
शाहदरा इलाके के रोहताश नगर में एक कपड़ा कारोबारी और उसके परिवार को जान से मारने के साथ कारोबार नहीं करने की धमकी दी गई है। बदमाशों ने धमकाया है अगर ऐसा नहीं चाहते हो तो पांच लाख रुपये दे दो। धमकी देने के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ फरार हो गए। प्रिंस ने वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मुहैया करवाई है। 

पीड़ित प्रिंस चावला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पहले भी रंगदारी न मिलने पर मार्केट में गोली चला चुका है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। 

पुलिस के मुताबिक पीड़ित प्रिंस चावला परिवार के साथ रोहताश नगर में रहते हैं। गली नंबर-7 में इनकी कपड़े की दुकान है। आरोप है कि 10 अक्तूबर की शाम को एक बदमाश उनकी दुकान पर पहुंचा। आरोपी ने कहा कि मुनव्वर भाई बाइक पर तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। प्रिंस दुकान से बाहर निकले तो आरोपी बाइक पर खड़ा था।

मुनव्वर के साथ कई लड़के मौजूद थे। आरोपी ने प्रिंस से कहा, यदि उसे दुकान चलानी है और जिंदा रहना है तो उसे पांच लाख रुपये रंगदारी देना होगा। ऐसा न करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। प्रिंस ने रकम देने से इन्कार किया तो आरोपी उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। बाद में वह गोली खाने के लिए तैयार रहने के लिए कहकर वहां से चला गया।

बाजार को बम से उड़ाने की फर्जी धमकी, पुलिस ने की मॉक ड्रिल
नांगलोई की जनता मार्केट को बम से उड़ाने की फर्जी धमकी मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए मॉक ड्रिल की। इसका उद्देश्य संभावित आपातकालीन स्थितियों से निपटने में पुलिस, दमकल, चिकित्सा और अन्य एजेंसियों की दक्षता, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन करना था।

जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि जैसे ही नकली धमकी की सूचना मिली, पुलिस बल, आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) और पीसीआर इकाइयां तुरंत मौके पर पहुंचीं और भीड़ नियंत्रण व संचार व्यवस्था संभाली। इस दौरान एटीओ नांगलोई, निरीक्षक नरेंद्र ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्यों की निगरानी की। कुछ ही समय में दमकल विभाग की गाड़ियां और राजमार्ग गश्ती दल (एचपी) भी घटनास्थल पर पहुंच गए और मार्केट के बाहर की सुरक्षा संभाली। केंद्रीकृत एम्बुलेंस और ट्रॉमा टीम मौके पर तैनात रही। विशेष शाखा ने सुरक्षा पहलुओं पर नजर रखी, जबकि बम निरोधक दल (बीडीटी) ने संभावित खतरे वाले क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षित निपटान प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। संवाद

पुलिस के सामने आरडब्ल्यूए अध्यक्ष को बंधक बनाकर पीटा
सीमापुरी इलाके में बदमाशों ने पुलिस की मौजूदगी में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष को न सिर्फ पीटा बल्कि उनके साथ लूटपाट भी की। आरोपियों ने पीड़ित को उनके ही पॉकेट में एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में बंधक बना लिया। वारदात के दौरान पीड़ित को बचाने के बजाए बीट अफसर वहां से चला गया। इस दौरान बदमाशों ने पीड़ित की पिटाई कर दी। 

विरोध करने पर पिस्टल और चाकू दिखाकर पीड़ित की सोने की चेन, तीन अंगूठी और उनका पर्स लूट लिया। वहां मौजूद महिलाएं पीड़ित को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। एक राहगीर की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और उनको छुड़ाया।

पीड़ित मनीष सांखला को इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने शनिवार को उनका बयान लेकर मामला दर्ज कर लिया। अब पुलिस आरोपी मुकेश गोस्वामी और उसके साथियों की तलाश कर रही है। आरोपी मुकेश को हाल में सीमापुरी का घोषित बदमाश बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक मनीष सांखला आरडब्ल्यूए अध्यक्ष व इहबास में नर्सिंग अधिकारी हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया की 16 अक्तूबर को वह इहबास अस्पताल में ड्यूटी पर थे। इस बीच सीमापुरी थाने में तैनात बीट अधिकारी सचिन का उनके पास कॉल आया। सचिन ने उनसे कहा कि उनको आरडब्ल्यूए के सीसीटीवी कैमरे चेक करना है। 
दरअसल किसी लड़की के साथ झपटमारी हुई थी। इस संबंध में कैमरों की जांच करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने सचिन को सीसीटीवी फुटेज दिखा दी। वहां से वह बाहर निकले तो सीमापुरी थाने का घोषित बदमाश मुकेश वहां पहुंचा। 
उसके साथ विशाल जायसवाल, संजीव कुमार, जीत कुमार, त्रिवेंद्र उर्फ मिंटू व अमित और अन्य मौजूद थे। आरोप है कि मुकेश ने बीट अधिकारी सचिन की मौजूदगी में उनको पीटना शुरू कर दिया। उनको बचाने के बजाए सचिन वहां से चला गया। 


बाद में आरोपी मनीष को एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ले गए।वहां उनको बंधक बनाकर पीटा गया। आरोपियों ने उनसे अंगूठियां, चेन और पर्स लूट लिया। शनिवार को पुलिस ने मनीष के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है।

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