राहुल के बचाव में दिग्गजों पर बरसे लवली!
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विधानसभा और लोकसभा चुनावों में लगातार करारी हार मिलने के बाद पार्टी को फिर से संगठित करने में जुटे दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने पार्टी की इस हालत के लिए दिग्गज नेताओं को दोषी ठहराया है।
लवली ने पार्टी हाईकमान का बचाव करते हुए यूपीए सरकार में मंत्री रहे नेताओं को आड़े हाथों लिया।
इतना ही नहीं, लवली ने हार के इस कहर से उबरने के लिए और दिल्ली में सत्ता की वापसी के लिए एक खास मुहिम की शुरूआत करने की भी योजना बनाई है।
10 साल तक कुर्सी के मजे लिए!
राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के सातों उम्मीदवार ही नहीं, पार्टी भी तीसरे स्थान पर रही जोकि अब तक पार्टी की सबसे बुरी हार है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, अजय माकन, कृष्णा तीरथ सबने अपनी सीटें गवां दीं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, लवली ने कहा कि जिन नेताओं ने कई साल सत्ता का सुख लिया उन्हें हार के बाद जरा भी चिंता नहीं। लवली ने कहा कि इस शर्मनाक हार के लिए यदि कोई जिम्मेदार है तो वे सातों सांसद हैं जो कई साल दिल्ली में राज करते आ रहे हैं। दो बार सांसद रह चुके अजय माकन हों या फिर लगातार 10 साल तक कैबिनेट मंत्री रहे कपिल सिब्बल।
अरविंदर लवली ने सख्त लहजे में कहा कि अगर वे लोग अपनी सीट खुद नहीं बचा पाते तो फिर पार्टी हाईकमान क्या कर सकता है।
लवली ने मारा ताना
लवली ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी हाईकमान किसी को मंत्री बनाता है तो किसी को उच्च पदों पर बैठाता है, जिससे उनकी ताकत बढ़ती है। इतना सब कुछ मिलने के बाद कम से कम आप अपनी सीट तो बचा सकते हैं।
राहुल का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी की हार नहीं है। यह हार उन सातों उम्मीदवारों की है और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरी खुद ही है।
दिल्ली कांग्रेस प्रमुख ने राजधानी में पूर्व शीला दीक्षित सरकार और यूपीए सरकार की हार के कारणों को भी पहचान कर उन पर काम करना शुरू कर दिया है।
केजरी पर भी निशाना
हार के बाद पिछले महीने पार्टी नेतृत्व ने सभी 14 जिलों और 140 ब्लॉकों की कमेटियों को भंग कर दिया था और प्रदेश अध्यक्ष लवली को इस बात की छूट दी थी कि वह अपने मनमाफिक पार्टी को फिर से तैयार करें।
लवली ने कहा कि यह एक बड़ा चैलेंज है और वह लगातार अपना बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सेक्यूलर वोटों का बंटवारा करके बीजेपी को चुनाव जीतने में मदद की।
लवली ने सह भी कहा कि लोगों ने केजरीवाल के नेतृत्व वाली 49 दिनों की सरकार का कामकाज देखा और अब राजधानी की जनता उन्हें कभी समर्थन नहीं देगी।