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Delhi : तीन तलाक पर समझौता...  सुनाई 20 पौधे लगाने की सजा, वर्ना देना होगा 20 हजार रुपये का जुर्माना

Wed, 12 Mar 2025 06:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा गौरव बाजपेई, नई दिल्ली
गौरव बाजपेई, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 12 Mar 2025 06:28 AM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों पर अदालत का समय खराब करने की बात कहते हुए आरोपी युवक पर 20 नीम या जामुन के पेड़ लगाने का जुर्माना लगाया है। यदि याचिकाकर्ता पेड़ लगाने में विफल रहता है तो उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

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Delhi: Compromise on triple talaq... sentenced to plant 20 trees
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

तीन तलाक के मामले में एक दूसरे के खिलाफ कई एफआईआर कराने के बाद आपसी समझौता करने पर कोर्ट ने अनूठी सजा सुनाई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों पर अदालत का समय खराब करने की बात कहते हुए आरोपी युवक पर 20 नीम याa जामुन के पेड़ लगाने का जुर्माना लगाया है। यदि याचिकाकर्ता पेड़ लगाने में विफल रहता है तो उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

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अदालत मुस्लिम महिला (संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि दोनों परिवारों ने आपस में समझौता कर लिया है ऐसे में 2019 में दर्ज मुकदमा रद्द कर दिया जाना चाहिए। अदालत ने मुकदमा रद्द करने के साथ याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया है। 
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न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने हाल ही में दिए अपने आदेश में कहा कि यह और कुछ नहीं केवल न्यायिक समय और न्यायिक उपचारों का दुरुपयोग करना है। याचिका में बताया गया कि मार्च 2018 मे याचिकाकर्ता मोहम्मद रिजवान का विवाह मुस्लिम रीति रिवाज से हुआ था।

इस शादी से उन्हे एक बेटा भी हुआ। अगस्त 2019 में उनके द्वारा फोन पर तीन तलाक दे दिया गया। इसके बाद उनकी पत्नी की तरफ से मुुस्लिम महिला (संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला प्रेम नगर थाने में दर्ज कराया गया। याचिका में दावा किया गया कि करीब पांच साल तक विवाद चलने के बाद 2023 में दोनों परिवारों ने आपसी समझौता कर लिया।

अदालत ने कहा कि चूंकि दोनों ही परिवारों ने अदालत से बाहर समझौता कर लिया है। इसकी रिपोर्ट पुलिस द्वारा दाखिल कर दी गई है। ऐसे में यह और कुछ भी नहीं केवल न्यायिक उपचारों का दुरुपयोग है। 

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