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UP: इंजीनियर बहू को सास की ये बात इतनी बुरी लगी... तलाक की दे डाली अर्जी, सात महीने पहले ही हुई थी शादी

Mon, 10 Mar 2025 05:30 AM IST
आकाश दुबे आशुतोष यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद
आशुतोष यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 10 Mar 2025 05:30 AM IST
सार

इंजीनियर दंपती की सात महीने पहले शादी हुई थी। दोनों गुरुग्राम में अलग-अलग कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पत्नी को 21 लाख रुपये और पति का 19 लाख रुपये का पैकेज है।

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Engineer daughter in law asked for divorce after being asked to cook food in Ghaziabad
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated

विस्तार

अक्सर पति को शिकायत रहती है कि पत्नी अच्छा खाना नहीं पकाती। हमेशा मायके में बातें करती रहती है। मायके के लोगों के सिवा किसी की परवाह नहीं करती, लेकिन अब तलाक के मायने बदल रहे हैं। परिवार न्यायालय में ऐसे भी तलाक के मामले आ रहे हैं, जिसमें खाना बनाने के लिए विवाहिता तलाक मांग रही है। बार एसोसिएशन की वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. शबनम खान एडवोकेट का कहना है कि अब तलाक मांगने के मायने भी बदल रहे हैं।

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दो बार बनाया खाना, बहू ने मांग लिया तलाक
शहर की एक पॉश कालोनी में रहने वाले इंजीनियर दंपती की सात महीने पहले शादी हुई थी। दोनों गुरुग्राम में अलग-अलग कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। पत्नी को 21 लाख रुपये और पति का 19 लाख रुपये का पैकेज है। शादी के बाद दो दिन घर में घरेलू सहायिका काम करने नहीं आई तो सास ने बहू से खाना बनाने के लिए बोला। इसके बाद दोनों में विवाद हो गया। बहू ने कहा कि शादी के पहले तय हुआ था कि वह ससुराल में खाना नहीं बनाएगी। दो बार खाना बनवाया गया, इसलिए तलाक चाहिए। तलाक की अर्जी में बहू की मां ने भी सहयोग किया। परिवार परामर्श केंद्र में दो बार काउंसिलिंग होने के बाद भी बात नहीं बनी। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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हलाला के बाद दोबारा निकाह किया, फिर मांगा तलाक
एडवोकेट सोनल खान ने बताया कि लोनी क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है। धार्मिक स्थल में बड़े पद पर कार्यरत एक युवक की पढ़ाई के दौरान युवती से मुलाकात हुई। युवती ने प्रेम विवाह करने को कहा, लेकिन युवक ने निकाह का प्रस्ताव रखा। युवक ने युवती का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कर लिया। डेढ़ वर्ष बाद युवक ने बीवी को तलाक दे दिया, लेकिन दोबारा निकाह करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद अपने सगे रिश्तेदार से बीवी का हलाला कराया और निकाह कर लिया। छह महीने के बाद अब युवक ने दोबारा तलाक की अर्जी अदालत में लगा दी। इसका विरोध करते हुए बीवी ने साथ रहने की अदालत से गुजारिश की है।

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परिवार न्यायालय में चल रहे हैं 12 हजार से अधिक केस
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस समय 12 हजार से अधिक केस अदालत में चल रहे हैं। इनमें अधिकांश मामले ऐसे हैं, जो छोटी-छोटी बातों पर अदालत की चौखट तक पहुंच गए हैं। दो से तीन दौर की काउंसलिंग में कुछ जोड़ों की गलतफहमियां दूर हो जाती हैं और वो फिर से अपना परिवार बसा लेते हैं, लेकिन कई मामलों में काउंसिलिंग के दौरान भी जोड़े आपस में लड़ाई करने लगते हैं। अदालत के चक्कर लगाने के साथ ही वकील को भारी-भरकम फीस भी अदा करते हैं, लेकिन तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, जबकि अदालतें भी चाहती हैं कि अगर हल्की गुंजाइश भी हो तो परिवार बस जाए।

सोशल साइट और देर से शादी बन रही है तलाक का कारण
एमएमजी अस्पताल की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. चंदा यादव का कहना है कि सोशल साइट पर अधिक व्यस्त रहने से एक दूसरे को समय नहीं दे पाना। देर से शादी करने पर एक दूसरे की विचारधारा अलग होने, अलग-अलग संस्था या विभाग में पति-पत्नी के नौकरी करने से ताल-मेल में सामंजस्य नहीं बिठा पा रहे हैं। इसके अलावा शादी के बाद पति या पत्नी के शादी के बाद भी अतिरिक्त प्रेम संबंध भी तलाक का कारण बन रहे हैं।

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