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दिल्ली में बड़ा राशन घोटाला, CAG रिपोर्ट के बाद केजरीवाल सरकार ने CBI को जांच सौंपने की सिफारिश की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 04 Apr 2018 10:46 AM IST
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CAG की रिपोर्ट में सामने आए राशन घोटाले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। गड़बड़ियों के लिए दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही केजरीवाल ने कैग रिपोर्ट में जो भी गड़बड़ियां सामने आई हैं उन सभी की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
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आपको बता दें कि घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल में जारी जंग के बीच दिल्ली की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर घोटाले का खुलासा हुआ है।
कैग की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से सरकारी राशन की दुकानों तक राशन ले जाने वाले वाहनों के लिए स्कूटर, मोटरसाइकिल, ऑटो व बस तक के नंबर दर्ज हैं।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी मोबाइल नंबरों पर एसएमएस अलर्ट भेजे जा रहे हैं। खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग में कई खामियां उजागर हुई हैं। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया।
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Exemplary action will be taken against the guilty in each case of corruption or irregularity pointed by CAG. No one will be spared.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 3, 2018विज्ञापन
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आपको बता दें कि घर-घर राशन पहुंचाने की योजना पर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल में जारी जंग के बीच दिल्ली की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर घोटाले का खुलासा हुआ है।
कैग की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से सरकारी राशन की दुकानों तक राशन ले जाने वाले वाहनों के लिए स्कूटर, मोटरसाइकिल, ऑटो व बस तक के नंबर दर्ज हैं।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी मोबाइल नंबरों पर एसएमएस अलर्ट भेजे जा रहे हैं। खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग में कई खामियां उजागर हुई हैं। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया।
कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
कैग ने एफसीआई के गोदामों से राशन दुकानों तक राशन ले जाने वाले 207 वाहनों की जांच की। इनमें से आठ वाहन ऐसे मिले, जिनका परिवहन विभाग में पंजीकरण स्कूटर, मोटरसाइकिल, बस व ऑटो के नाम पर है।
इनके जरिये दुकानों तक 1,589 क्विंटल राशन पहुंचाया गया। वहीं, 42 वाहन पंजीकृत ही नहीं थे। रिपोर्ट में ऐसी ढुलाई से राशन चोरी की आशंका जताई गई है। गोदामों से जब राशन दुकानों के लिए भेजा जाता है, तो कार्ड धारकों को एसएमएस भेजा जाता है, लेकिन इसमें भी हेराफेरी हो रही है।
2,453 मामलों में लाभार्थियों के मोबाइल नंबर राशन दुकानदारों के थे, जबकि वह योजना के लाभार्थी नहीं हैं।
इनके जरिये दुकानों तक 1,589 क्विंटल राशन पहुंचाया गया। वहीं, 42 वाहन पंजीकृत ही नहीं थे। रिपोर्ट में ऐसी ढुलाई से राशन चोरी की आशंका जताई गई है। गोदामों से जब राशन दुकानों के लिए भेजा जाता है, तो कार्ड धारकों को एसएमएस भेजा जाता है, लेकिन इसमें भी हेराफेरी हो रही है।
2,453 मामलों में लाभार्थियों के मोबाइल नंबर राशन दुकानदारों के थे, जबकि वह योजना के लाभार्थी नहीं हैं।