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स्वच्छ भारत सर्वेक्षण-2019 में दिल्ली छावनी बोर्ड अव्वल, जानिए बाकियों का हाल
Thu, 07 Mar 2019 01:55 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 07 Mar 2019 01:55 AM IST
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स्वच्छ भारत अभियान
- फोटो : SELF
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स्वच्छता के लिए तय मानकों पर खरा उतरते हुए उत्तर भारत के तीन छावनी बोर्ड ने अपना दबदबा कायम किया है। स्वच्छ भारत सर्वेक्षण-2019 की रैंकिंग में दिल्ली छावनी बोर्ड अव्वल रहा, जबकि मेरठ छावनी बोर्ड का दूसरा स्थान रहा। हिमाचल प्रदेश के जटोग छावनी को स्वच्छता के लिहाज से देशभर के 62 छावनी बोर्ड में तीसरा स्थान मिला है।
दिल्ली छावनी परिषद क्षेत्र में स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्त, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर साफ सफाई और कूड़ा उठाने में कर्मियों से सूचना तकनीक के जरिये स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में दिल्ली छावनी बोर्ड को देशभर के 62 छावनी बोर्ड में अव्वल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। स्वच्छता के लिहाज से दिल्ली कैंट क्षेत्र में जागरूकता के लिए ऑडियो-वीडियो, जिंगल्स सहित अन्य प्रचार माध्यमों का भी बढ़-चढ़कर इस्तेमाल किया गया।
क्षेत्र को कूड़ा मुक्त बनाए रखने के लिए बोर्ड के कर्मियों की लगातार मेहनत और कुशल प्रशासन की बदौलत दिल्ली कैंट को स्वच्छता रैंकिंग में देशभर में पहला स्थान मिला है। सर्वेक्षण के दौरान दिल्ली कैंट क्षेत्र के सभी शौचालय और पेशाब घरों में पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अलावा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग इंतजाम हैं।
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में छावनी बोर्ड की श्रेणी में मेरठ कैंट को देशभर में दूसरा स्थान मिला है। मेरठ कैंट में 17,631 से अधिक घरों में पानी, सीवरेज की बुनियादी सुविधा के अलावा शत-प्रतिशत घरों से कूड़ा संग्रहण किया जाता है। सफाई कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण, बेहतर बुनियादी सुविधाओं की बदौलत मेरठ कैंट को यह उपलब्धि मिली है, जहां रोजाना दो बार साफ सफाई होती है।
प्लास्टिक और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए मेरठ कैंट को 1250 में 980 अंक मिले हैं। ऑटो, टैक्सी के जरिये स्वच्छता को प्रोत्साहित किया गया, जबकि गूगल मैप के जरिये शौचालयों की जानकारियां उपलब्ध हैं।
देशभर की 62 छावनी परिषदों में किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के जटोग कैंट बोर्ड को तीसरा रैंक मिला है। स्वच्छ भारत पोर्टल, कूड़ा प्रबंधन और खुले में शौच मुक्त शहर के तौर पर साबित किया। दो बार सफाई के अलावा गीले और सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग डस्टबिन के उपयोग से भी रैंकिंग में अव्वल स्थान हासिल किया।
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दिल्ली छावनी परिषद क्षेत्र में स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्त, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर साफ सफाई और कूड़ा उठाने में कर्मियों से सूचना तकनीक के जरिये स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में दिल्ली छावनी बोर्ड को देशभर के 62 छावनी बोर्ड में अव्वल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। स्वच्छता के लिहाज से दिल्ली कैंट क्षेत्र में जागरूकता के लिए ऑडियो-वीडियो, जिंगल्स सहित अन्य प्रचार माध्यमों का भी बढ़-चढ़कर इस्तेमाल किया गया।
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क्षेत्र को कूड़ा मुक्त बनाए रखने के लिए बोर्ड के कर्मियों की लगातार मेहनत और कुशल प्रशासन की बदौलत दिल्ली कैंट को स्वच्छता रैंकिंग में देशभर में पहला स्थान मिला है। सर्वेक्षण के दौरान दिल्ली कैंट क्षेत्र के सभी शौचालय और पेशाब घरों में पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अलावा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग इंतजाम हैं।
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में छावनी बोर्ड की श्रेणी में मेरठ कैंट को देशभर में दूसरा स्थान मिला है। मेरठ कैंट में 17,631 से अधिक घरों में पानी, सीवरेज की बुनियादी सुविधा के अलावा शत-प्रतिशत घरों से कूड़ा संग्रहण किया जाता है। सफाई कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण, बेहतर बुनियादी सुविधाओं की बदौलत मेरठ कैंट को यह उपलब्धि मिली है, जहां रोजाना दो बार साफ सफाई होती है।
प्लास्टिक और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए मेरठ कैंट को 1250 में 980 अंक मिले हैं। ऑटो, टैक्सी के जरिये स्वच्छता को प्रोत्साहित किया गया, जबकि गूगल मैप के जरिये शौचालयों की जानकारियां उपलब्ध हैं।
देशभर की 62 छावनी परिषदों में किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के जटोग कैंट बोर्ड को तीसरा रैंक मिला है। स्वच्छ भारत पोर्टल, कूड़ा प्रबंधन और खुले में शौच मुक्त शहर के तौर पर साबित किया। दो बार सफाई के अलावा गीले और सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग डस्टबिन के उपयोग से भी रैंकिंग में अव्वल स्थान हासिल किया।