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Noida : साइबर अपराधियों के जाल में उलझी पुलिस, पीड़ितों को ही प्रताड़ित कर रही है जांच
Sun, 24 Nov 2024 07:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
योगेश तिवारी, नोएडा
योगेश तिवारी, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 24 Nov 2024 07:01 AM IST
सार
कई ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जिनमें धोखाधड़ी के शिकार निवासियों को साइबर अपराधी समझ कर दूसरे राज्यों की पुलिस घर तक आ पहुंची।
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विस्तार
लालच में फंसाकर साइबर जालसाज आम लोगों को भी अपराधी बना रहे हैं। कई ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जिनमें धोखाधड़ी के शिकार निवासियों को साइबर अपराधी समझ कर दूसरे राज्यों की पुलिस घर तक आ पहुंची। यही नहीं पीड़ितों के बैंक खाते भी पुलिस ने फ्रीज करवा दिए। पहले से ठगी के सदमे में चल रहे पीड़ितों को नई आफत का सामना पुलिस की जांच के रूप में करना पड़ रहा है।
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दरअसल साइबर अपराधी अपने जाल में फंसाने के लिए शुरुआत में मुनाफे के रूप में जो रकम भेज रहे हैं वह दूसरे से ठगी की होती है। ऐसे में दूसरे पीड़ित की शिकायत पर जहां केस दर्ज होता है वहां की पुलिस रकम ट्रांसफर किए जाने का रिकाॅर्ड देखकर पहले पीड़ित को ही अपराधी मानते हुए कार्रवाई शुरू कर देती है।
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ऐसा होने पर पीड़ित साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 या अन्य किसी नजदीकी थाने पर पहुंच रहे हैं। दूसरे राज्यों से आने वाली पुलिस के सामने यह पीड़ित बैंक खाते में रकम आने का रिकाॅर्ड होने से सही से अपनी बेगुनाही की दुहाई भी नहीं दे पा रहे हैं। कई ऐसे केस में दूसरे शहर व राज्यों से आई पुलिस को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पूरे ब्यौरे के साथ समझाया फिर टीमें वापस लौटीं।
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साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स के मुताबिक जालसाज यह इसलिए भी कर रहे हैं कि पुलिस जांच की दिशा में भटकाव आ जाता है। पीड़ित जिसके खाते में रकम आई हुई होती है उसको अपराधी मानकर पुलिस कार्रवाई शुरू कर देती है। पीड़ित किसी अपराध में शामिल नहीं होता है इसलिए उसका पूरा ब्यौरा भी सही रहता है। पुलिस का फोकस उस पर बढ़ जाता है। इससे साइबर जालसाजों को कुछ और वक्त मिल जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर कभी ऐसी स्थिति आती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। नजदीकी थाने या साइबर थाने जाएं। वहां पर अपनी बात रखें।
सेक्टर-16 निवासी सचिन कुमार के साथ ऑनलाइन घर बैठे पार्ट टाइम नौकरी का लालच देकर 50 लाख रुपये का फ्रॉड हुआ था। शुरुआत में अपने जाल में फंसाने के लिए साइबर अपराधियों ने कई बार छोटी-छोटी रकम सचिन के खाते में ट्रांसफर की थी। फिर सचिन ठगी का शिकार हो गए उस सदमे से उबर नहीं पाए थे कि केरल पुलिस ने बैंक खाते फ्रीज करवा दिए। यही नहीं जांच करते हुए पुलिस भी उनके घर आ पहुंची।
सेक्टर-93 निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा देने का लालच देकर 1 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी हुई। ठगों ने यह कहा कि रकम वापस आ जाएगी और अपने जाल में फंसाए रखने के लिए तीन दिन में 6 लाख रुपये वापस किए थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 26 लाख रुपये ठगी में गई रकम जालसाजों के बैंक खाते फ्रीज करवाकर वापस करवाए। कुछ ही दिन में मुंबई पुलिस ने सुरेंद्र के बैंक खाते फ्रीज करवा दिए। यह कहा कि उनके खाते में ठगी के छह लाख रुपये आए हुए हैं।