फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Crowd of devotees gathered in Shiva temples on first day of Sawan

Sawan 2022: सावन के पहले दिन शिवमय हुई राजधानी, बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे शिवालय

Fri, 15 Jul 2022 04:33 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 15 Jul 2022 04:33 AM IST
सार

राजधानी में सावन के पहले दिन बड़ी संख्या में शिवभक्त शिवालयों में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में विधिविधान से शंकर भगवान की पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिरों में काफी भीड़ रही। 

विज्ञापन
Crowd of devotees gathered in Shiva temples on first day of Sawan
पूर्वी दिल्ली के गुफा मंदिर में पूजा-अर्चना करते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावन माह शुरू होने के साथ दिल्ली शिवमय हो गई है। पहले दिन बृहस्पतिवार को राजधानी के सभी शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे। कोरोना जनित बंदिशों के दो साल बाद शिवभक्तों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की। वहीं, गोमुख व हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए कांवडि़यों के जत्थे भी रवाना होने लगे हैं। दिल्ली से गुजरने वाले दूसरे राज्यों के कांवड़ियों का स्वागत करने के लिए सड़कों के किनारे शिविर भी तैयार हो रहे हैं। आयोजकों का मानना है कि हफ्ते के आखिर से राजस्थान व हरियाणा के कांवड़ियों के जत्थे दिल्ली से गुजरने लगेंगे।
विज्ञापन


राजधानी में चारों ओर बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। सावन के पहले दिन बड़ी संख्या में शिवभक्त शिवालयों में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में विधिविधान से शंकर भगवान की पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिरों में काफी भीड़ रही। 
विज्ञापन


शहर के प्रमुख शिव मंदिर चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर, मादीपुर स्थित प्राचीन कालीन शिव मंदिर, जयपुर हाईवे स्थित रंगपुरी में शिव मूर्ति, यमुना किनारे नीली छतरी वाले मंदिर, आसफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर, छतरपुर मंदिर, बिडला मंदिर, झंडेवाला मंदिर समेत तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिवभक्त अलग-अलग रिवाज और अंदाज में लाएंगे कांवड़
गोमुख व हरिद्वार से शिवभक्त अलग-अलग अंदाज में कांवड़ लेकर आएंगे। कश्मीरी गेट स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे पर गोमुख व हरिद्वार जाने के लिए आए नरेला के शिवभक्त पंकज ने बताया कि अधिकतर कांवड़िया झूला कांवड़ लाएंगे।

गोमुख और हरिद्वार जाने लगे भक्त
शिव शंकर की जयघोष करते शिवभक्तों के जत्थे गोमुख व हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए जाने शुरू हो गए हैं। कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डे पर बृहस्पतिवार को अधिकतर शिवभक्त अपने घर से भगवा कपड़े पहनकर आए थे। उधर, कांवड को लेकर दिल्ली से गुजरने वाले कांवडियों की सेवा के लिए दिल्ली सरकार ने 175 शिविर लगाए हैं। धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह शिविर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे संगठन सैकड़ों जगह शिविर लगाएंगे। उनमें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है। कांवड़िया 26 जुलाई को शिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे।

कई जगह से दिल्ली में प्रवेश करेंगे कांवड़िया
दिल्ली सरकार की तीर्थ यात्रा विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल के अनुसार राजधानी में कांवड़िया उत्तर प्रदेश व हरियाणा की सीमा स्थित अप्सरा बॉर्डर, आनंद विहार, देहली गेट गाजीपुर, सिंघु बॉर्डर आदि जगह से प्रवेश करेंगे। उनकी सुविधा के लिए जीटी रोड, एनएच-24, वजीराबाद रोड, रिज रोड, जयपुर हाईवे, नरेला रोड आदि जगहों पर बड़ी संख्या में शिविर लगाए गए हैं, जिसमें हजारों कांवड़िया आराम करने के लिए रुक सकेंगे। शिविरों में प्राथमिक चिकित्सा, बिजली, पानी, सचल शौचालयों की सुविधा होगी है। इसके अलावा उनके लिए खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जा रही है। उनके लिए फल, मिठाई, दूध, जूस, सब्जी पूड़ी, ब्रेड पकोड़े आदि उपलब्ध होंगे है और आराम करने के इंतजाम भी होंगे।

कांवड़ के विभिन्न रूप
झूला कांवड़ : अधिकतर शिवभक्त झूला कांवड़ लेकर आते हैं। इसमें दो ओर गंगाजल से बर्तन भरकर लटकाए जाते हैं। इस कांवड़ को आराम करने के दौरान कांवड़िया लटकाते हैं।
बैठी कांवड़ : कुछ शिवभक्त बैठी कांवड़ लेकर आते हैं। इसको जमीन पर रखा जाता है, मगर दोनों ओर गंगाजल का बर्तन रखने की बनी टोकरी को जमीन सेे ऊपर रखने के लिए उनमें बांस की डंडिया लगी होती हैं।
खड़ी कांवड़ : कांवड़ लाने के तमाम तरीकों में सबसे कठिन तरीका खड़ी कांवड़ का है। यह कांवड़ गंगाजल भरने के बाद से कहीं लटकाई नहीं जा सकती है और इसे जमीन पर भी नहीं रखा जाता। यह कांवड़ शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने तक मनुष्य के कंधे पर रखने की परंपरा है।
डाक कांवड़ : शिवभक्त डाक कांवड़ भी लाते हैं। इस कांवड़ को एक भक्त के बजाय भक्तों का एक ग्रुप लेकर आता है। टोली में शामिल भक्त बारी-बारी से कांवड़ लेकर दौड़ते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed