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दिल्ली में सांसों पर संकट: ग्रैप-3 की पाबंदियां भी बेअसर, स्थिति गंभीर होगी, कई जगहों पर एक्यूआई 400 के पार

Sun, 08 Nov 2026 07:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Nov 2026 07:21 AM IST
सार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार आज चांदनी चौक में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 427, द्वारका सेक्टर-9 में 438, आईआईटी दिल्ली में 440 रहा। दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा खराब हो गई है।

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Crisis for breathing persists in Delhi: Even GRAP-3 restrictions prove ineffective
आज हालात और बिगड़ने की स्थितियां.. - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए लगाई गई ग्रैप-3 की सख्त पाबंदियों का भी कुछ असर नहीं दिख रहा है। दिल्ली में कई जगहों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज हुआ।  केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुबह 9 बजे तक के आंकडों के मुताबिक, बुराड़ी में 419, बदरपुर में 442, अलीपुर में 408, चांदनी चौक में 427, द्वारका सेक्टर-9 में 438, आईआईटी दिल्ली में 440, जवाहर लाल नेहरू स्टेडिय में 431 एक्यूआई दर्ज हुआ। 

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कल से दिल्ली समेत एनसीआर के निगरानी वाले 33 में से 32 केंद्रों पर हवा खराब या बहुत खराब बनी हुई है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 200 के पार है। इनमें से 13 शहरों में एक्यूआई 300 के पार रहा। बल्लभगढ़ में यह 400 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार आज आनंद विहार के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 328 है, जिसे 'बहुत खराब' की श्रेणी में रखा गया है।
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अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 336 है, जिसे 'बहुत खराब' की श्रेणी में रखा गया है और इंडिया गेट के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 398 है।
 
इससे भी गंभीर चिंता की बात यह है कि हवा में पीएम 2.5 मुख्य प्रदूषक के रूप में मौजूद हैं, जो जानलेवा बीमारियों के कारण बनते हैं। दिल्ली में शनिवार को 59 निगरानी केंद्रों में से 16 केंद्रों पर हवा गंभीर और 29 पर बहुत खराब श्रेणी में रही। सबसे खराब स्थिति आईआईटी दिल्ली के पास दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 452 तक पहुंच गया। हालांकि, शाम 7 बजे तक स्थिति में कुछ सुधार हुआ और बहुत खराब श्रेणी वाले केंद्रों की संख्या घटकर 20 पर आ गई। फिर भी आईआईटी दिल्ली के पास एक्यूआई 440 दर्ज किया गया। 

आज गंभीर स्थिति में पहुंचने की आशंका
एनसीआर के प्रमुख शहरों में से गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, बहादुरगढ़, हापुड़, खोड़ा और भिवाड़ी में हवा बहुत खराब रही। बल्लभगढ़ में यह गंभीर अवस्था में पहुंच गई, जहां शाम 7 बजे एक्यूआई 409 तक पहुंच गया। 

गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत 19 शहरों में एक्यूआई 200 से 300 के बीच रही, जो खराब श्रेणी में आता है। दिवाली के जश्न, वाहनों के धुएं व पराली जलाने के चरम दौर पर समूचे दिल्ली-एनसीआर में हवा के गंभीर स्तर पर पहुंचने की प्रबल आशंका जताई गई है।

वाहनों के धुएं की हिस्सेदारी 21.4%
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक, शनिवार को प्रदूषण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी परिवहन क्षेत्र की रही, जो 21.4% दर्ज की गई। वहीं, पराली के धुएं की हिस्सेदारी 1.7% रही, जिसके रविवार को बढ़कर 5.4% होने का अनुमान है। 

  • उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, छह राज्यों में शुक्रवार को पराली जलाने के 589 मामले सामने आए, जिनमें अकेले पंजाब से 357 घटनाएं थीं।

पीएम 2.5 की प्रमुखता बड़ी चिंता 
एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-3) के तीसरे चरण की सख्त पाबंदियां हैं। इसमें बीएस 6 के अलावा अन्य श्रेणी के भारी वाहनों के परिचालन पर रोक है। निर्माण-तोड़फोड़ पर भी पूर्ण पाबंदी है। इसके बावजूद हवा में पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक के तौर पर मौजूद है। पीएम 2.5  कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।

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