शहर को अपराध मुक्त बनाने की कवायद, सीसीटीवी से होगी निगरानी
सीसीटीवी से निगरानी और रिपीट ऑफेंडर पर बनाई विशेष रणनीति
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फरीदाबाद को अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने लघु सचिवालय परिसर स्थित कांफ्रेंस हॉल में विशेष बैठक बुलाई। बुधवार देर शाम तक चली मैराथन बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। अपराध से निपटने की के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की जिम्मेदारी डीसीपी हेडक्वार्टर और एसीपी क्राइम को सौंपी गई।
पुलिस आयुक्त ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कही। सीसीटीवी कैमरों को स्थापित कराए जाने के लिए नियुक्त नोडल ऑफिसर डीसीपी हेडक्वार्टर विक्रम कपूर ने पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट दी कि फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र में चंदावली और मच्छगर गांव पूरी तरह से सीसीटीवी युक्त है।
इसके अलावा एनएच-1 मार्केट, सारन मार्केट और कुछ रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने सीसीटीवी कैमरों को लगाया है। पुलिस की तरफ जिन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने हैं, उनकी सूची तैयार है। इस काम में सरकारी खर्च के अलावा पब्लिक पुलिस पार्टनरशिप के जरिए भी भागीदारी निभाई जानी है।
पब्लिक पुलिस पार्टनरशिप के लिए जनसंपर्क जारी है। इसमें कुछ उद्योगपतियों, रियल एस्टेट, बैंकर, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों को जोड़ा जा रहा है। रिपीट ऑफेंडर (बार-बार अपराध करने वाले) पर नकेल और निगरानी के लिए नियुक्त नोडल ऑफिसर एसीपी क्राइम राजेश चेची ने कहा कि अब तक जो लिस्ट तैयार हुई है।
उसके अनुसार फरीदाबाद में रिपीट ऑफेंडर्स की संख्या 300 के करीब है। इनमें से 100 विभिन्न जेलों में बंद है जबकि 200 अपराधियों पर क्राइम ब्रांच यूनिट्स की नजर है। उनकी धरपकड़ की कोशिश जारी है। एसीपी क्राइम ने क्राइम ब्रांच यूनिट्स के द्वारा हाल ही में हासिल की उपलब्धियों का भी ब्यौरा पेश किया।
पांच घंटे तक चली इस मीटिंग में अपराध नियंत्रण के ऊपर सभी के सुझाव मांगे गए। 100 से अधिक सुझाव पुलिस आयुक्त के सामने रखे गए। पुलिस पेट्रोलिंग, कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाने और साइबर नेटवर्क को मजबूत करने पर भी विचार विमर्श हुआ।
उन्होंने सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई डकैती की घटना को चोरी में दर्ज किए जाने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में अपराध की प्रवृत्ति को बदलना या उसे छिपाने का सीधा लाभ अपराधी को ही जाता है।