फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Trying to make the city crime-free, will be monitored by CCTV

शहर को अपराध मुक्त बनाने की कवायद, सीसीटीवी से होगी निगरानी

Fri, 02 Dec 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 02 Dec 2016 12:18 AM IST
सार

सीसीटीवी से निगरानी और रिपीट ऑफेंडर पर बनाई विशेष रणनीति

विज्ञापन
Trying to make the city crime-free, will be monitored by CCTV
सीसीटीवी - फोटो : Demo Pic

विस्तार

फरीदाबाद को अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने लघु सचिवालय परिसर स्थित कांफ्रेंस हॉल में विशेष बैठक बुलाई। बुधवार देर शाम तक चली मैराथन बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। अपराध से निपटने की के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की जिम्मेदारी डीसीपी हेडक्वार्टर और एसीपी क्राइम को सौंपी गई।

विज्ञापन


पुलिस आयुक्त ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कही। सीसीटीवी कैमरों को स्थापित कराए जाने के लिए नियुक्त नोडल ऑफिसर डीसीपी हेडक्वार्टर विक्रम कपूर ने पुलिस आयुक्त को रिपोर्ट दी कि फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र में चंदावली और मच्छगर गांव पूरी तरह से सीसीटीवी युक्त है।
विज्ञापन


इसके अलावा एनएच-1 मार्केट, सारन मार्केट और कुछ रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने सीसीटीवी कैमरों को लगाया है। पुलिस की तरफ जिन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने हैं, उनकी सूची तैयार है। इस काम में सरकारी खर्च के अलावा पब्लिक पुलिस पार्टनरशिप के जरिए भी भागीदारी निभाई जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पब्लिक पुलिस पार्टनरशिप के लिए जनसंपर्क जारी है। इसमें कुछ उद्योगपतियों, रियल एस्टेट, बैंकर, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों को जोड़ा जा रहा है। रिपीट ऑफेंडर (बार-बार अपराध करने वाले) पर नकेल और निगरानी के लिए नियुक्त नोडल ऑफिसर एसीपी क्राइम राजेश चेची ने कहा कि अब तक जो लिस्ट तैयार हुई है।

 

उसके अनुसार फरीदाबाद में रिपीट ऑफेंडर्स की संख्या 300 के करीब है। इनमें से 100 विभिन्न जेलों में बंद है जबकि 200 अपराधियों पर क्राइम ब्रांच यूनिट्स की नजर है। उनकी धरपकड़ की कोशिश जारी है। एसीपी क्राइम ने क्राइम ब्रांच यूनिट्स के द्वारा हाल ही में हासिल की उपलब्धियों का भी ब्यौरा पेश किया।

 

पांच घंटे तक चली इस मीटिंग में अपराध नियंत्रण के ऊपर सभी के सुझाव मांगे गए। 100 से अधिक सुझाव पुलिस आयुक्त के सामने रखे गए। पुलिस पेट्रोलिंग, कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाने और साइबर नेटवर्क को मजबूत करने पर भी विचार विमर्श हुआ।

 

उन्होंने सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई डकैती की घटना को चोरी में दर्ज किए जाने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में अपराध की प्रवृत्ति को बदलना या उसे छिपाने का सीधा लाभ अपराधी को ही जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed