हवाई जहाज से चोरी का सामान लेने जाता था ठक-ठक गैंग का मुखिया 'गुरुजी'
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ठक-ठक गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना को दबोचा है। आरोपी के प्रशिक्षित किए गए कई गिरोह देश के कई शहरों में सक्रिय हैं। ये उनसे चोरी का सामान लेने हवाई जहाज से जाता था और राजधानी ट्रेन से वापस सामान लेकर आता था।
अपराध शाखा ने इसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उस समय दबोचा, जब वह कोलकाता से चोरी का सामान लेकर राजधानी ट्रेन से दिल्ली पहुंचा। इसने कई गिरोह तैयार कर रखे हैं। इस कारण इसे गिरोह सदस्य गुरुजी बोलते थे। हर गिरोह में दो से तीन महिलाएं होती हैं।
अपराध शाखा डीसीपी भीष्म सिंह के अनुसार, हवलदार गंगाधर को 16 मार्च को सूचना मिली थी कि ठक-ठक गिरोह सरगना कन्हैया उर्फ गुरुजी अपने गिरोह से चोरी का सामान लेकर राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन से कोलकाता से दिल्ली आ रहा है।
इंस्पेक्टर सुनील जैन, एसआई अरविंद व राकेश की टीम ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर इंद्रपुरी निवासी कन्हैया उर्फ गुरुजी (48) को पकड़ लिया। इसके पास से 8.10 लाख रुपये, .315 बोर का कट्टा व दो कारतूस बरामद किए।
आरोपी ने बताया कि उसने बहुत ही छोटी सी उम्र से कार से बैग चुराना शुरू कर दिया। वह जल्द ही बैग चुराने में माहिर हो गया और बैग चोरी के मामले में प्रसिद्ध भी हो गया था। इससे प्रभावित होकर कई युवक व महिलाएं इसके गिरोह में शामिल हो गईं।
गिरोह सदस्य कन्हैया का नाम नहीं लेते थे
आरोपी कन्हैया ने प्रशिक्षण देकर कई गिरोह तैयार किए। प्रशिक्षण देने के कारण गिरोह के सदस्य इसे गुरुजी बोलते थे। इसके द्वारा तैयार किए गए गिरोह देश के कई शहरों में बैग चोरी की वारदात करने में सक्रिय हैं। हर गिरोह में दो से तीन महिलाएं हैं।
गिरोह के सदस्य जब बैग चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देते थे, वह नकदी व जेवरात लेने के लिए कन्हैया को बुलाते थे। कन्हैया उनके पास हवाई जहाज से जाता था और राजधानी ट्रेन से वापस दिल्ली आता था।
आरोपी ने बताया कि किसी शहर में अगर उसके गिरोह का कोई सदस्य पकड़ा जाता था तो वह उसका नाम नहीं लेता था। न ही ये बताता था कि चोरी की रकम किसको दी है। आरोपी कन्हैया उनकी जमानत आदि करवाने में सहायता करता था।
गिरोह के सदस्य ऐसे करते थे वारदात
गिरोह के सदस्य चलती कार को निशाना बनाते थे। वह टायर पंचर कर कार से ऑयल गिरने की बात कहकर, लाइट सिग्नल पर कार में ठक-ठक की आवाज कर कार चालक का ध्यान भटका देते थे। जैसे ही चालक का ध्यान भटकता था गिरोह का दूसरा सदस्य कार से बैग व महंगा सामान चुरा लेता था। गिरोह में शामिल महिलाएं गिरोह के सदस्यों के लिए खाना बनाती हैं।