बिहार के मुन्ना मिश्रा व बिट्टू गिरोह के शार्प शूटर दिल्ली में गिरफ्तार, पिस्टल व कारतूस बरामद
दक्षिण-पूर्व जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते (एएटीएस) ने बिहार के मुन्ना मिश्रा व बिट्टू गिरोह के शार्प शूटर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उसने वर्ष 2015 में बिहार में वकील की कोर्ट में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह पहले मुंबई और फिर दिल्ली में छिपने आया था। उससे पिस्टल व पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार, एएटीएस के एएसआई विजू को 18 मई को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय गैंगस्टर वजीर अहमद उर्फ दद्दू मियां जामिया नगर इलाके में किसी से मिलने आएगा।
एसीपी केपी सिंह की देखरेख में एएटीएस प्रभारी लव आत्रे की टीम ने सैलिंग रोड, जामिया नगर में घेराबंदी कर बिहार के गोपालगंज निवासी वजीर अहमद को पकड़ लिया। शादीशुदा वजीर अहमद का एक बेटा और दो बेटियां हैं।
गोपालगंज टाउन में गोली मारकर हत्या
वह बिहार के मुन्ना मिश्रा, शक्ति सिंह, राजकुमार, प्रदीप और नीरज के साथ डकैती, रंगदारी वसूली और हत्या की वारदात करता था। वर्ष 2002 में आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हुआ। जेल से लौटकर वह सऊदी अरब वेल्डर का काम करने चला गया।
वर्ष 2007 में लौटकर वह मुन्ना मिश्रा के गिरोह में शामिल हो गया। कुछ दिन उसके साथ काम कर वह मिंटू सिंह के गिरोह में चला गया। मिंटू सिंह से वह मोतिहारी जेल में मिला था। उसने रंजिश के चलते पूर्व सरकारी वकील त्रिपुरारी शरण शर्मा की गोपालगंज टाउन में 30 अगस्त, 2015 को दिनदहाड़े चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में कोर्ट से भगोड़ा घोषित होने के बाद वह मुंबई चला गया और दो वर्ष छिपकर रिश्तेदार के यहां रहा। इसके बाद वह दिल्ली छिपने आ गया था।