'पहले ठेकेदारों का भुगतान करो, फिर घोषणाओं पर काम करो'
कंगाली से जूझ रहे फरीदाबाद नगर निगम को एक और बड़ा झटका लगा है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नगर निगम कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की बकाया भुगतान की याचिका की सुनवाई करते हुए सीएम अनाउंसमेंट के तहत कराए जा रहे कार्यों पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने कहा है कि नगर निगम पहले पुराने ठेकेदारों की बकाया राशि का भुगतान करे। फिर मुख्यमंत्री की घोषणाओं का काम कराए। ठेकेदारों का नगर निगम पर करीब 120 करोड़ रुपये बकाया है। इस बात की जानकारी एसोसिएशन के प्रधान गिरिराज सिंह ने दी।
ज्ञात हो कि निगम के ठेकेदारों का करीब 120 करोड़ रुपया बकाया है। निगम ने पुराने ठेकेदारों को साइड लाइन कर नए ठेकेदारों से काम कराना शुरू कर दिया है। जबकि पुराने के बकाए का आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। एसोसिएशन के प्रधान गिरिराज सिंह का कहना है कि निगम के पास पैसा होता नहीं फिर भी टेंडर निकालकर काम शुरू करा देता है।
ठेकेदार जब भी भुगतान की बात करते हैं तो पैसे न होने का बहाना बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि निगम में काम करने वाले लगभग 200 ठेकेदारों को जनवरी 2015 से लेकर अब तक का कोई बकाया नहीं दिया गया है।
इस मामले को लेकर 44 ठेकेदार कोर्ट चले गए। जून 2016 में याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर निदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग, निगमायुक्त और इंजीनियरिंग विभाग से जवाब मांगा था। लेकिन नगर निगम ने अपना जवाब दायर नहीं किया।
इसके बाद कोर्ट ने 26 अक्तूबर की तारीख दी थी। गिरिराज सिंह ने बताया कि बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ठेकेदारों के बकाए का भुगतान करने के बाद ही सीएम अनाउंसमेंट का काम कराने का आदेश दिया है।
उधर निगम के मुख्य अभियंता ओपी गोयल का कहना है कि अभी हाईकोर्ट का कोई आदेश निगम को प्राप्त नहीं हुआ है। ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।