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एयर होस्टेस को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने वाले पायलट पर चलेगा मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:51 PM IST
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air hostess
हाईकोर्ट ने निजी एयरलाइन के पायलट को अपनी साथी पूर्व एयर होस्टेस के साथ रेप के आरोप में बरी कर दिया लेकिन उस पर अप्राकृतिक सेक्स करने का मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति एस.पी गर्ग ने अपने फैसले में निचली अदालत द्वारा आरोपी पायलट के खिलाफ रेप के आरोप में तय अभियोग संबंधी निर्णय को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा संबंधित अदालत के निर्णय में गंभीर त्रुटि है कि पायलट ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए 29 वर्षीय एयरहोस्टेज को उसके साथ शारीरिक संबंध रखने के लिए मजबूर किया। अदालत ने कहा महिला के अनुसार आरोपी ने अक्तूबर 2013 को उस समय उससे संपर्क किया जब उसे एयरलाइन से नौकरी छोड़े करीब 10 महीने हो गए थे। अदालत ने कहा घटना के समय महिला किसी भी प्रकार से आरोपी के सुपरविजन और उसके देखरेख में काम नहीं कर रही थी।
अदालत ने तय अभियोग को पायलट की याचिका स्वीकार करते हुए कहा जब महिला पहले ही काम छोड़ चुकी थी ऐसे में यह संभव ही नहीं है याची पायलट ने अपने अपने पद व अधिकारों का प्रयोग करते हुए महिला को जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। अदालत ने कहा आरोपी को अप्राकृतिक यौन संबंध के आरोपों का सामना करना होगा। अदालत ने कहा अप्राकृतिक अपराध से संबंधित आरोप को एक तरफ या अनदेखा नहीं किया जा सकता। आरोपी मामले में वर्ष 2014 से जमानत पर है और ट्रायल कोर्ट ने मई 2016 को उसके खिलाफ अभियोग तय किए थे।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार महिला एयरलाइंस में अगस्त 2009 में एयर होस्टेस के रूप में शामिल हुई थी और उसने जनवरी 2013 में नौकरी छोड़ दी थी और किसी अन्य एयरलाईंस में नौकरी शुरु कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क रखा कि याचिकाकर्ता पायलट 2 फरवरी 2014 को महिला के घर गया था और उसे उसकी उड़ान के लिए छोडने की पेशकश की। आरोपी ने महिला को घर में अकेले पाकर उक्त कृत्य किया व मामले में जून 2014 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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अभियोजन पक्ष के तर्क को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसकी अश्लील तस्वीरें दिखाकर बदनाम करेगा। अदालत ने कहा ऐेसे में आरोपी के खिलाफ अप्राकृतिक यौन संबंध और आपराधिक धमकी के तहत मुकदमा चलेगा।