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भतीजी के प्रेमी और पूर्व ड्राइवर ने की थी हत्या
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 07 Jul 2015 01:38 PM IST
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कोतवाली पुलिस ने दयारानी किन्नर हत्याकांड का 60 घंटे बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि हत्या भतीजी गीता के प्रेमी वारिस और दया के पूर्व ड्राइवर समीर ने नदीम के साथ मिलकर की थी।
दयारानी गीता और वारिस के प्रेम संबंधों में बाधक बन रही थी, दोनों 8 माह पहले कोर्ट मैरिज कर चुके थे, फिर भी वह उन्हें मिलने नहीं देती थी।
इनका मकसद दया की करोड़ों की संपत्ति कब्जाना भी था। वारिस और नदीम को गिरफ्तार कर उनसे वारदात में इस्तेमाल तमंचा और चाकू बरामद किया है। समीर भागा हुआ है।
एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि वारिस, नदीम और समीर तीनों कैलाभट्टा में रहते हैं। वारिस मूलरूप से बुलंदशहर का है। नदीम राजनगर में मुर्गा मीट शॉप चलाता है, जबकि बाकी दोनों कबाड़ी हैं।
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इन्होंने 21 जून को हत्या की साजिश बनाई थी। मगर तब समीर नहीं आया था। शुक्रवार की रात तीनों दयारानी के घर के पास पहुंचे। रात साढ़े 11 बजे बराबर की दुकान बंद होने का इंतजार किया।
दुकान बंद होने के बाद सीसीटीवी से बचते हुए दीवार के सहारे दयारानी के कमरे तक पहुंचे। समीर ने चाकू से जाली काटी और वारिस ने ट्रेन के शोर में गोली चलाई, ताकि किसी को आवाज न आए।
नदीम इनके साथ था। वारदात कर मोटरसाइकिल से रुड़की और बुलंदशहर भाग गए थे। सोमवार को इन्हें नए बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया।
बता दें कि लोकसभा, विधानसभा और मेयर पद का चुनाव लड़ चुकीं दयारानी किन्नर (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उनका शव शनिवार सुबह कैला रोड पर उनके बेडरूम में मिला था। गोली सिर में लगी थी। हमलावर ने घर के बाहर खिड़की से जाली काटकर गोली मारी थी।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
गीता ने हिरासत में पूछताछ के दौरान गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने बताया था कि वारिस से ब्रेकअप हो चुका है।
वह वारिस से बात नहीं करती, जबकि कॉल डिटेल्स खंगाली गई तो पता चला कि रोजाना घंटों बातें होती थीं। वहीं दूसरी ओर पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं गीता को बचाने के लिए तो वारिस उसके रोल का खुलासा नहीं कर रहा है।
हत्यारोपी के चेहरे नकाब में
पुलिस ने हत्यारोपियों के चेहरे पर नकाब लगाकर मीडिया के सामने पेश किया और उनसे बात भी नहीं करने दी। अमूमन ऐसा नहीं करती।
सीसीटीवी में कैद हुईं थीं परछाइयां
सीसीटीवी में इनके चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे थे। तीन लोगों की परछाइयां दिख रही थीं और मोटरसाइकिल की बैक लाइट की रोशनी थी।
राहगीर की सूचना ने पहुंचाया हत्यारोपियों तक
एक राहगीर ने बताया कि उसने नदीम को दयारानी के घर के पास देर रात देखा था।
नदीम की मां ने किया हंगामा, बेटे को बताया बेकुसूर
नदीम की मां ने नगर कोतवाली में हंगामा किया। उनका कहना था कि उनका बेटा बेकुसूर है, पुलिस ने उसे फंसाया है। वह सड़क पर लेट जाएगी, मर जाएगी। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत किया।
हत्या से 26 मिनट पहले तक गीता-वारिस कर रहे थे फोन पर बात
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक दयारानी की हत्या शुक्रवार रात 11:56 बजे की गई। एसपी सिटी ने बताया कि उस रात 11:30 तक वारिस और गीता मोबाइल पर बात कर रहे थे। लेकिन गीता के खिलाफ कोई ऐसा एविडेंस पुलिस को नहीं मिला, जिस कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।
उससे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। उसे पूरी तरह से क्लीन चिट भी नहीं दी गई है। हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। सवाल ये भी है कि क्या वारिस ने गीता को भी धोखा दिया?
हालांकि गीता का कहना है कि उसे नहीं लगता है वारिस ने दयारानी की हत्या की होगी। वह अच्छा इंसान है। मैंने वारिस से शादी की है। मैं रोज उससे शाम को दो तीन घंटे बात करती थी। उस रात भी बातें की थीं।
नदीम और समीर को तो भी मैं जानती भी नहीं हूं। पुलिस ने मुझसे वारिस और हत्याकांड के बारे में पूछा। मुझे जो पता था, सब बता दिया। मुझे शनिवार सुबह हत्या का पता चला। वारिस ने इस बारे में मुझसे कोई बात नहीं की।
फूलप्रूफ था मास्टर प्लान
वारिस को लगता था कि दया की हत्या के बाद प्रॉपर्टी गीता की होगी। गीता उसकी पत्नी है, लिहाजा संपत्ति का मालिक वह भी होगा। प्लान तैयार कर दया की हत्या की गई। सूत्रों की मानें तो वारिस ने समीर और नदीम को भी दया की प्रॉपर्टी में से लाखों रुपये देने का वादा किया था, इस वजह से दोनों ने दया की हत्या में वारिस का साथ दिया।
भजनपुरा में रहता है पति
गीता का पति भीम सिंह भजनपुरा में रहता है। इनकी तीन संतानें हैं। दोनों जब एक दूसरे से अलग हुए तो दो संतानों को परवरिश के लिए भीम सिंह ने अपने पास रखा जबकि बेटे सनी को गीता अपने साथ ले आई।
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दयारानी गीता और वारिस के प्रेम संबंधों में बाधक बन रही थी, दोनों 8 माह पहले कोर्ट मैरिज कर चुके थे, फिर भी वह उन्हें मिलने नहीं देती थी।
इनका मकसद दया की करोड़ों की संपत्ति कब्जाना भी था। वारिस और नदीम को गिरफ्तार कर उनसे वारदात में इस्तेमाल तमंचा और चाकू बरामद किया है। समीर भागा हुआ है।
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एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि वारिस, नदीम और समीर तीनों कैलाभट्टा में रहते हैं। वारिस मूलरूप से बुलंदशहर का है। नदीम राजनगर में मुर्गा मीट शॉप चलाता है, जबकि बाकी दोनों कबाड़ी हैं।
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इन्होंने 21 जून को हत्या की साजिश बनाई थी। मगर तब समीर नहीं आया था। शुक्रवार की रात तीनों दयारानी के घर के पास पहुंचे। रात साढ़े 11 बजे बराबर की दुकान बंद होने का इंतजार किया।
दुकान बंद होने के बाद सीसीटीवी से बचते हुए दीवार के सहारे दयारानी के कमरे तक पहुंचे। समीर ने चाकू से जाली काटी और वारिस ने ट्रेन के शोर में गोली चलाई, ताकि किसी को आवाज न आए।
नदीम इनके साथ था। वारदात कर मोटरसाइकिल से रुड़की और बुलंदशहर भाग गए थे। सोमवार को इन्हें नए बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया।
बता दें कि लोकसभा, विधानसभा और मेयर पद का चुनाव लड़ चुकीं दयारानी किन्नर (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उनका शव शनिवार सुबह कैला रोड पर उनके बेडरूम में मिला था। गोली सिर में लगी थी। हमलावर ने घर के बाहर खिड़की से जाली काटकर गोली मारी थी।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
गीता ने हिरासत में पूछताछ के दौरान गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने बताया था कि वारिस से ब्रेकअप हो चुका है।
वह वारिस से बात नहीं करती, जबकि कॉल डिटेल्स खंगाली गई तो पता चला कि रोजाना घंटों बातें होती थीं। वहीं दूसरी ओर पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं गीता को बचाने के लिए तो वारिस उसके रोल का खुलासा नहीं कर रहा है।
हत्यारोपी के चेहरे नकाब में
पुलिस ने हत्यारोपियों के चेहरे पर नकाब लगाकर मीडिया के सामने पेश किया और उनसे बात भी नहीं करने दी। अमूमन ऐसा नहीं करती।
सीसीटीवी में कैद हुईं थीं परछाइयां
सीसीटीवी में इनके चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे थे। तीन लोगों की परछाइयां दिख रही थीं और मोटरसाइकिल की बैक लाइट की रोशनी थी।
राहगीर की सूचना ने पहुंचाया हत्यारोपियों तक
एक राहगीर ने बताया कि उसने नदीम को दयारानी के घर के पास देर रात देखा था।
नदीम की मां ने किया हंगामा, बेटे को बताया बेकुसूर
नदीम की मां ने नगर कोतवाली में हंगामा किया। उनका कहना था कि उनका बेटा बेकुसूर है, पुलिस ने उसे फंसाया है। वह सड़क पर लेट जाएगी, मर जाएगी। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत किया।
हत्या से 26 मिनट पहले तक गीता-वारिस कर रहे थे फोन पर बात
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक दयारानी की हत्या शुक्रवार रात 11:56 बजे की गई। एसपी सिटी ने बताया कि उस रात 11:30 तक वारिस और गीता मोबाइल पर बात कर रहे थे। लेकिन गीता के खिलाफ कोई ऐसा एविडेंस पुलिस को नहीं मिला, जिस कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।
उससे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। उसे पूरी तरह से क्लीन चिट भी नहीं दी गई है। हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। सवाल ये भी है कि क्या वारिस ने गीता को भी धोखा दिया?
हालांकि गीता का कहना है कि उसे नहीं लगता है वारिस ने दयारानी की हत्या की होगी। वह अच्छा इंसान है। मैंने वारिस से शादी की है। मैं रोज उससे शाम को दो तीन घंटे बात करती थी। उस रात भी बातें की थीं।
नदीम और समीर को तो भी मैं जानती भी नहीं हूं। पुलिस ने मुझसे वारिस और हत्याकांड के बारे में पूछा। मुझे जो पता था, सब बता दिया। मुझे शनिवार सुबह हत्या का पता चला। वारिस ने इस बारे में मुझसे कोई बात नहीं की।
फूलप्रूफ था मास्टर प्लान
वारिस को लगता था कि दया की हत्या के बाद प्रॉपर्टी गीता की होगी। गीता उसकी पत्नी है, लिहाजा संपत्ति का मालिक वह भी होगा। प्लान तैयार कर दया की हत्या की गई। सूत्रों की मानें तो वारिस ने समीर और नदीम को भी दया की प्रॉपर्टी में से लाखों रुपये देने का वादा किया था, इस वजह से दोनों ने दया की हत्या में वारिस का साथ दिया।
भजनपुरा में रहता है पति
गीता का पति भीम सिंह भजनपुरा में रहता है। इनकी तीन संतानें हैं। दोनों जब एक दूसरे से अलग हुए तो दो संतानों को परवरिश के लिए भीम सिंह ने अपने पास रखा जबकि बेटे सनी को गीता अपने साथ ले आई।