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मां-बेटे को सात साल की कैद
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 30 Apr 2014 01:24 PM IST
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दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के आरोपी युवक और उसकी मां को जिला जज की कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार श्रीवास्तव ने दोनों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है।
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मोदीनगर के निवाड़ी रोड पर रहने वाली बबीता और बड़ौत निवासी मनोज ने 30 अप्रैल 2011 को कोर्ट मैरिज की थी। दो माह बाद बबीता के परिजनों ने दोनों की अरेंज मैरिज कर दी थी।
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आरोप है कि शादी के बाद से ही मनोज एक लाख की नगदी और बाइक की डिमांड करते थे। इसी के चलते उन्होंने बबीता के मायके आने पर भी रोक लगा दी थी।
28 अगस्त 2011 को बबीता की मौत की सूचना परिजनों को मिली थी। इसके बाद परिजनों ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराते हुए पति समेत 8 लोगों को नामजद किया था।
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मामला जिला जज की कोर्ट में चल रहा था। जनपद न्यायाधीश ने मनोज और उसकी मांग को 7-7 साल कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।