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मेट्रो ट्रैक पर रात भर पड़ा रहा युवक का शव
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 25 Jun 2017 09:13 AM IST
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मेट्रो ट्रैक पर मिली लाश
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शुक्रवार देर रात सेक्टर-15 व 16 मेट्रो स्टेशन के बीच पटरियों पर एक युवक ने मेट्रो ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। युवक के दोनों पैर कट गए। हादसे के बाद रात भर युवक का शव ट्रैक पर पड़ा रहा। सुबह मेट्रो का संचालन शुरू होने पर पहली ट्रेन के ड्राइवर ने ट्रैक पर पड़ा शव देखकर सीआईएसएफ को सूचना दी। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। उसकी जेब से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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मेट्रो प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार रात एक युवक (उम्र 30 के करीब) नोएडा से दिल्ली जाने वाली मेट्रो ट्रेन पर चढ़ा था। युवक कोच संख्या आठ में सवार था। वह नोएडा सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन पर उतर गया था। सीसीटीवी में वह पटरियों पर उतर कर वापस सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन की तरफ लौटता दिख रहा था। माना जा रहा है कि आत्महत्या के इरादे से युवक मेट्रो ट्रेन के सामने कूद गया। ट्रैक पर जिस जगह दुर्घटना हुई है, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं है। इस वजह से मौत कब और कैसे हुई है ये स्पष्ट नहीं हो सका है। युवक का शव दिल्ली से नोएडा की तरफ आने वाली पटरियों पर सुबह करीब 6:00 बजे मिला है। इसके बाद सीआईएसएफ ने शव को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन के स्टोर रूम में रखवा दिया।
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थाना सेक्टर-20 पुलिस ने जब शव की तलाशी ली। तलाशी में युवक की जेब से 10 रुपये का एक नोट और जेब में टूटा हुआ एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। युवक के पास से मेट्रो में यात्रा का टोकन या कार्ड बरामद नहीं हुआ है। इसलिए वह किस स्टेशन से मेट्रो ट्रेन में चढ़ा था ये भी स्पष्ट नहीं हो सका है। नोएडा पुलिस के एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि युवक के मोबाइल का सिम कार्ड दूसरे मोबाइल में लगाकर उसके किसी जानकार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मृतक के सिम में कोई नंबर नहीं था। मोबाइल टूट जाने की वजह से उससे भी कोई नंबर नहीं मिल सका है। लिहाजा युवक की पहचान के लिए मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है।
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मेट्रो प्रबंधन की बड़ी लापरवाही आई सामने, होगी जांच
हादसे में मेट्रो प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डीएमआरसी ने मामले में विभागीय जांच कराने की घोषणा की है। मेट्रो प्रवक्ता के अनुसार प्रत्येक रात मेट्रो संचालन खत्म होने के बाद एक पायलट ट्रेन पूरे ट्रैक की जांच करती है। नोएडा के ट्रैक की जांच यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन से आने वाली पायलट ट्रेन करती है। ऐसे में शुक्रवार रात ही ट्रैक की जांच में युवक का शव मिल जाना चाहिए था। इस बात की संभावना है कि उस वक्त तक युवक जिंदा हो, क्योंकि बहुत से मामलों में पैर कटने के बाद भी काफी देर तक घायल जीवित रहता है। ऐसे में समय से अस्पताल पहुंचाने पर घायल की जान भी बचाई जा सकती थी।