सीएम विंडो: फर्जी फूड इंस्पेक्टर बन जांच को पहुंचा गांव जौरासी, निकला विभाग का ही कर्मचारी
खुद को फूड इंस्पेक्टर बता गांव जौरासी में राशन वितरण में चल रही अनियमितता जांचने को एक व्यक्ति पहुंच गया। ग्रामीणों को शक हुआ तो मामले की लिखित शिकायत सीएम विंडो में दर्ज कराकर फर्जी फूड इंस्पेक्टर व विभाग के निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गांव जौरासी के अधिवक्ता मनीष कुमार तावडू ने बताया की गांव में जनवितरण प्रणाली के काम में भारी अनियमिताएं बरती जा रहीं थी। इस मामले की शिकायत गांव जौरासी निवासी धर्मबीर द्वारा 19 सिंतबर 2016 को सीएम विंडो में दर्ज कराई गई थी।
इस मामले की जांच फूड सप्लाई विभाग निरीक्षक तावडू को सौंपी गई थी। अधिवक्ता का आरोप है की 21 अक्टूबर को निरीक्षक ने सीएम विडो पटल की शिकायत का मजाक बनाते हुए इस मामले की जांच स्वयं ने कर एक अन्य कर्मचारी द्वारा करा दी।
बाकायदा गांव की चौपाल पर बैठकर दर्ज की शिकायत
उसने खुद को विभाग का निरीक्षक बताते हुए ग्रामीणों को गुमराह कर गांव की चौपाल पर बैठकर शिकायतकर्ताओं के ब्यान दर्ज किए और बयान की कापी पर उसने हस्ताक्षर भी किए। अधिवक्ता का आरोप है की जांच के बाद धर्मबीर की शिकायत को विभाग की मिलीभगत के चलते समाधान करने से पहले ही दफ़तर दाखिल कर दिया गया।
मामले में खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा की गई लीपापोती व फर्जी ढ़ग से की गई जांच का पता ग्रामीणों को चला तो मामले की शिकायत पीड़ित शिकायतकर्ताओं द्वारा उससे की गई। इस मामले को लेकर गत वर्ष 16 नंवबर को एक लिखित शिकायत पत्र तथ्यों सहित अधिवक्ता मनीष द्वारा सीएम विडो में दर्ज कराई गई।
इस बारे में खाद्य एंव पूर्ति विभाग के मंत्री व जिला खाद्यय एंव आपूर्ति अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया। मगर संपर्क नहीं हो सका। इस बारे में निरीक्षक इरशाद का कहना है की गांव के राशन में अनियमितताएं पाए जाने पर वहां के डिपो की राशन सप्लाई रोक दी गई है।