{"_id":"5797c44a4f1c1b687d21f140","slug":"greno-forgery-in-the-name-of-the-industry-from-16-million-fake-invoices-kanplishn","type":"story","status":"publish","title_hn":" ग्रेनो में उद्योग के नाम पर फर्जीवाड़ा, 16 लाख के फर्जी चालान से लिया कंपलीशन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्रेनो में उद्योग के नाम पर फर्जीवाड़ा, 16 लाख के फर्जी चालान से लिया कंपलीशन
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:43 AM IST
विज्ञापन
Fraud
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उद्योग के नाम पर दो फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। 38 उद्योगों ने फर्जी बिल्डिंग दिखाकर कंपलीशन की कोशिश की। वहीं, एक आवंटी ने 16 लाख रुपये का फर्जी चालान लगाकर प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट ले लिया।
विज्ञापन
इसे बेचने पर मामले का खुलासा हुआ। दोनों ही मामलों में प्राधिकरण के सीईओ ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। ग्रेटर नोएडा में सैकड़ों की तादाद में उद्योगों के प्लॉट खाली पड़े हैं। आवंटियों ने छह-सात साल से बिल्डिंग तक नहीं बनाई है। उद्योग लगाना तो दूर की बात है।
विज्ञापन
बिल्डिंग बनाने पर कंपलीशन और उद्योग चलाने पर प्राधिकरण से फंक्शनल सर्टिफिकेट लेना होता है। प्राधिकरण के बार-बार कहने पर भी आवंटी तैयार नहीं हुए तो बीते बोर्ड बैठक में एक प्रस्ताव पास कर दिया गया, जिसमें कहा गया कि अगर औद्योगिक भूखंडों के आवंटी 30 जून तक कंपलीशन नहीं लेते हैं तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। 40 आवंटियों ने 30 जून तक आवेदन कर दिया।
विज्ञापन
कार्रवाई से बचने के लिए आवंटियों ने तैयार बिल्डिंग की फोटो लगाकर कंपलीशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर दिया। ग्रेनो के एक नागरिक ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इन भूखंडों पर निर्माण की असली फोटो खींचकर प्राधिकरण के सीईओ के पास भेज दी।
सीईओ दीपक अग्रवाल ने जांच के लिए ओएसडी इंडस्ट्री और महाप्रबंधक नियोजन की दो सदस्यीय कमेटी बना दी। कमेटी ने मौके पर जांच की तो 38 कंपनियों के भवन फर्जी मिले।
कमेटी ने रिपोर्ट सीईओ को सौंप दी है। सीईओ ने इन आवंटियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। दूसरा मामला भी उद्योग के नाम पर फर्जीवाड़े से जुड़ा है।
सेक्टर-ईकोटेक वन एक्सटेंशन में एक आवंटी को 2010 में 4000 वर्ग मीटर का औद्योगिक भूखंड किस्तों पर आवंटित हुआ। आवंटी ने उद्योग लगाने के बजाय उसे बेचने का मन बनाया।
आवंटी पर प्राधिकरण के 16 लाख रुपये बाकी थे। आवंटी ने बैंक का 16 लाख रुपये का फर्जी चालान बनवाकर जमा कर दिया और कंपलीशन के लिए आवेदन कर दिया। कंपलीशन देने से पहले से प्राधिकरण ने आवंटी की तरफ से जमा की गई किस्तों की जांच की जिसमें 16 लाख रुपये के फर्जी चालान की पुष्टि हुई। इस मामले में भी सीईओ ने एफआईआर के आदेश दे दिए हैं।