गाड़ौली एनकाउंटर मामले की बैलिस्टिक रिपोर्ट लीक
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बहुचर्चित संदीप गाड़ौली एनकाउंटर मामले की बैलिस्टिक रिपोर्ट के लीक होने की खबर है। इससे पता चल रहा है कि एफआईआर, पुलिस के दावों और फॉरेंसिक रिपोर्ट में अंतर है। रिपोर्ट के बाद पुलिस की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) में यह बात सामने आई है कि इस कथित एनकाउंटर में गुडग़ांव पुलिस ने दावा किया था कि गाड़ौली की तरफ से हुई फायरिंग में दो पुलिस वाले गोली लगने से जख्मी हो गए हैं।
लेकिन एफएसएल रिपोर्ट ने गुडग़ांव पुलिस के इस दावे को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक कांस्टेबल विक्रम के माथे पर लगी चोट गोली से नहीं बल्कि किसी भारी बस्तु अथवा रिवाल्वर के बट से लगी हो सकती है।
ठीक इस तरह की जानकारी कांस्टेबल परमजीत के बाएं पैर में लगी गोली को लेकर हुआ है। उसे भी गोली लगने के निशान होने से एफएसएल ने खारिज किया है। दूसरी अहम बात यह है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफएसएल ने इस बात को भी खारिज कर दिया है कि वहां पर दस राउंड फायरिंग हुई थी।
गैर जमानती वारंट मामले की सुनवाई
रिपोर्ट के मुताबिक सात राउंड फायरिंग हुई है। एफआईआर के मुताबिक एनकाउंटर 55 मिनट में हुआ है, लेकिन उसके दावे को भी फॉरेंसिक रिपोर्ट खारिज कर रही है।
एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि एनकाउंटर सुबह 11:20 बजे शुरू हुआ है लेकिन एफएसएल ने इसे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इसे नकार दिया है।
गैर जमानती वारंट मामले की सुनवाई
मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई की अदालत से गैर जमानती वारंट मांग रखा है। इस मामले पर अदालत में बुधवार को सुनवाई होगी। अदालत ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए निर्णय के लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया है।