10वीं की छात्रा ने दायर की HC में गर्भपात की अर्जी, खुद घर से भाग कर आरोपी से की थी शादी
दुष्कर्म पीड़िता दसवीं कक्षा की छात्रा ने गर्भपात कराने के लिये हाईकोर्ट में अर्जी दायर की है। नाबालिग पीड़िता ने 19 वर्षीय युवक के साथ भाग कर अक्तूबर 2017 में कोलकाता में शादी कर ली थी।
शादी के बाद वह फरवरी में दिल्ली वापस आ गई थी, जिसके बाद आरोपी युवक को दिल्ली पुलिस ने पोक्सो के तहत गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता इस समय तीन माह की गर्भवती है।
हाईकोर्ट ने उसकी अर्जी पर सफदरजंग अस्पताल को मेडिकल बोर्ड बनाने व जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट जानना चाहती है कि 15 वर्षीय पीड़िता के लिये गर्भपात सही है या नहीं।
जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस आईएस मेहता की खंडपीठ के समक्ष 22 मार्च को पीड़िता ने कहा वह तीन माह की गर्भवती है। हाईकोर्ट ने इसके बाद मेडिकल बोर्ड बनाने व जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश सफदरजंग अस्पताल को दिया है।
सजा देना उचित नहीं..
मामले में आरोपी युवक के परिजनों की ओर से दायर प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर पुलिस पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। पीड़िता व आरोपी को कोर्ट ने पेश करने का निर्देश पुलिस को दिया था।
याची के वकील कमलेश कुमार मिश्रा ने कहा उनके मुवक्किल को सजा देना गलत है। जब दो किशोर अपनी इच्छा से शादी कर साथ रहना चाहते हैं तो क्या उन्हें सजा देना उचित है।
जब नाबालिग आरोपियों के संबंध में कानून में संशोधन कर उन्हें बालिग माना जा सकता है तो शादी करने वाले किशारों को बालिग क्यों नहीं माना जा सकता।
दिल्ली पुलिस के वकील राहुल मेहरा ने कहा मामले में लड़की नाबालिग है और शादी के लिये उसकी सहमति का कोई महत्व नहीं है। अगर वह गर्भपात करवाना चाहती है तो कानून इस पर विचार करना चाहिये।