यूपी के बाहुबली पूर्व सांसद डीपी यादव की पुलिस हिरासत 12 दिन बढ़ी
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दिल्ली पुलिस का आरोप है कि डीपी यादव क्राइम सिंडीकेट का हिस्सा हैं और सट्टा चलाने वालों से रोजाना दो लाख रुपये प्रोटेक्शन मनी लेते थे। पुलिस ने मामले में आगे पूछताछ के लिये रिमांड लिया है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार ने धर्मपाल यादव उर्फ डीपी यादव का पुलिस रिमांड शुक्रवार को 17 अगस्त तक बढ़ा दिया। पुलिस ने डीपी यादव को कोर्ट में पेश कर रिमांड बढ़ाने का आग्रह किया था।
बीमार होने से नहीं हो सकी थी पूछताछ
कोर्ट में अर्जी दायर कर पुलिस ने कहा कि कोर्ट ने पूछताछ के लिये दस दिन का रिमांड दिया था लेकिन इस दौरान चार-पांच दिन डीपी यादव बीमार थे इसलिये उनसे पूछताछ नहीं हो सकी। इसलिये डीपी यादव से पूछताछ के लिये 20 दिन का रिमांड दिया जाये।
दिल्ली पुलिस की अर्जी का विरोध करते हुये बचाव पक्ष के अधिवक्ता रीतेश बाहरी ने कहा कि उनका मुव्वकिल जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और तकरीबन सभी दस्तावेज पुलिस को दे दिये हैं। उन दस्तावेजों को पुलिस को वेरीफाई करना है उसके लिये डीपी यादव का साथ होना जरूरी नहीं है। इसलिये उनके मुव्वकिल का पुलिस रिमांड न बढ़ाया जाये।
दिल्ली पुलिस ने डीपी यादव का रिमांड मांगते हुये 27 जुलाई को कहा था कि डीपी यादव के नाम का खुलासा मकोका के तहत गिरफ्तार रोशन लाल वर्मा उर्फ प्रधान वर्मा और अमरनाथ बजाज के बयान में हुआ है।
पुलिस ने अपनी बहस में कहा कि इन आरोपियों ने मकोका की धारा 18 के तहत दिये बयान में कहा है कि वह दिल्ली व अन्य राज्यों में सट्टा रैकेट चलाते थे और डीपी यादव दूसरे गिरोहों से बचाने के लिये दो लाख रुपये रोजाना प्रोटेक्शन मनी लेते है। इस तथ्य की पुष्टि एक अन्य गवाह ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान में की है।
बता दें कि दादरी के विधायक महेंद्र सिंह भाटी की हत्या के आरोप में उम्रकैद काट रहा था। कोर्ट ने डीपी यादव की पेशी के लिये प्रोडक्शन वारंट जारी किया था। उत्तराखंड पुलिस ने देहरादून जेल से लाकर 27 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया था। थाना भजनपुरा पुलिस ने कोर्ट में शुरुआती पूछताछ के बाद डीपी यादव को गिरफ्तार कर 10 दिन का रिमांड लिया था।