फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Bitcoin fraud of rs 15 crores, special cell arrested the culprits

बिटकॉइन के नाम पर ठग लिए थे 15 करोड़, स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार

Sat, 21 Apr 2018 08:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 21 Apr 2018 08:17 PM IST
विज्ञापन
Bitcoin  fraud of rs 15 crores, special cell arrested the culprits
bitcoin - फोटो : अमर उजाला

स्पेशल सेल की साइबर सेल ने वचुर्अल करेंसी बिटकॉइन में इनवेस्ट कराकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने करीब पांच हजार लोगों से इंवेस्ट कराया था। ये लोगों को बिटकॉइन में 17 फीसदी मुनाफा देने का झांसा देते थे। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि इन्होंने करीब 250-300 बिटकॉइन की हेराफेरी की है। इस तरह लोगों से करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी है। लोगों ने करीब 1250 बिटकॉइन में इंवेस्ट किया था।  

विज्ञापन


साइबर सेल डीसीपी अन्येश रॉय केअनुसार अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा की देखरेख में इंस्पेक्टर विजय गहलावत, केपी शाह और कन्हैयालाल यादव की टीम ने दो आरोपियों को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान सोनीपत, हरियाण निसी दीपक जांगड़ा(37) और दीपक मल्होत्रा (56) के रूप में हुई। इसके बाद आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
विज्ञापन


ये बिटकॉइन में इंवेस्ट करने केनाम पर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देते थे। डीसीपी अन्येश रॉय ने बताया कि आरोपियों ने पहले बिटमाइनप्लस.ओआरजी नाम से अक्तूबर,2016 में वेबसाइट बनाई। इसके जरिए लोगों को वचुर्अल करेंसी बिटकॉइन में इंवेस्ट करने का कहा। ये लोगों को कहते थे कि यूएस की कंपनी इस साइट का संचालन करती है। आरोपी बिटकॉइन करेंसी की माइनिंग व ट्रेडिंग का झांसा देते थे। हालाकि ये माइनिंग व ट्रेडिंग कुछ नहीं करते थे। ये एक के बिटकॉइन दूसरे को दूसरे के बिटकॉइन तीसरें को दे देते थे। इस तरह ये हेराफेरी करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Bitcoin  fraud of rs 15 crores, special cell arrested the culprits
bitcoin - फोटो : अमर उजाला

ये लोगों का बिटकॉइन में इंवेस्ट करने पर 12 फीसदी मुनाफा देने का झांसा देते थे। अगर कोई इंवेस्टर कोई दूसरा इंवेस्टर लाएगा तो उसे पांच फीसदी मुनाफा और देते थे। शुरू में इन्होंने कुछ इंवेस्टर को बिटकॉइन रिर्टन भी किए, मगर बाद में बंद कर दिया। इसके बाद दीपक जांगड़ा ने इंवेस्टर को गुमराह करने के लिए बीएमपी नाम से अपनी क्रिप्टो करेंसी बनाई।

इसमें लोगों को इंवेस्ट करने को कहा। इसके इन्होंने दस करोड टोकन बनवाए। काफी लोग झांसे में आ गए और पैसा लगा दिया। शुरू में लोगों को कुछ रिर्टन भी किया मगर बाद में बंद कर दिया। बाद में ये गायब हो गए और दिल्ली केसुभाष प्लेस में स्थित अपना कार्यालय बंद कर दिया। फरवरी,2018 में इनकी शिकायतें पुलिस में दर्ज होनी शुरू हो गई थीं। साइबर सेल अधिकारियों केअनुसार बिटकॉइन करेंसी में इंवेस्ट केनाम पर करीब पांच हजार लोगों की आईडी मिली है।

जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों ने करीब 250 से 300 बिटकॉइन का गबन किया। एक बिटकॉइन की कीमत इस समय करीब पांच लाख रुपये मानी जा रही है। इस तरह इन्होंने 300 बिटकॉइन का गबन किया है तो लोगों केसाथ करीब 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।  
बिटकॉइन में इंवेस्ट करने के लिए प्रचार करते थे- 
साइबर सेल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लोगों को बिटकॉइन में इंवेस्ट करने के लिए प्रचार करते थे। ये दिल्ली व एनसीआर में होटलों में पार्टी करते थे। इसके अलावा दीपक मल्होत्रा रीजनल सेल्समेन हैड केतौर पर काम करते थे। वह अपने पुरानों संबंधों को फायदा उठाते थे। दीपक जांगडा भी अपने पुराने संबंधों का फायदा उठाता था।  

ज्यादा मुनाफे के झांसे में ना आए- 
डीसीपी अन्येश रॉय ने लोगों को सलाह दी है कि वह ज्यादा मुनाफे झांसे में न आए। बिटकॉइन कोई करेंसी नहीं है। लोग इसमें इनवेस्ट न करें। भारत में बिटकॉइन पूरी तरह अमान्य है और गैरकानूनी है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed