{"_id":"6aa1c28056f5c3634300a148","slug":"not-morinda-the-punjabi-female-influencer-was-murdered-in-chandigarh-chandigarh-news-c-16-1-pkl1017-1119687-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: मोरिंडा नहीं... चंडीगढ़ में हुई थी पंजाबी इन्फ्लुएंसर युवती की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: मोरिंडा नहीं... चंडीगढ़ में हुई थी पंजाबी इन्फ्लुएंसर युवती की हत्या
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर के अपहरण और हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वारदात की परतें उतनी ही खौफनाक होती जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मंजीत की मौत मोरिंडा में नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में ही हो गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को मोरिंडा ले जाकर ठिकाने लगाया गया। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से पुष्टि कर रही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले मंजीत को किसी पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया। इसके बाद उसके ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा ने पूछताछ में घटनाक्रम से जुड़ी ये जानकारियां दी हैं। पुलिस उसके बयानों को तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से वेरीफाई करने में जुटी है।
रिंकू से विवाद... फिर सेक्टर-34 के पार्क के पीछे ले गए
पिंदा ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया कि मंजीत और मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू के बीच पहले से विवाद चल रहा था। विवाद के बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां दोबारा हाथापाई हुई। इसके बाद मंजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है-क्या यही वह जगह है जहां मंजीत ने आखिरी सांस ली?
इसकी पुष्टि के लिए पुलिस सेक्टर-34 और आसपास के इलाकों का मोबाइल डंप डाटा, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि वारदात के वक्त कौन-कौन लोग आसपास मौजूद थे और घटना के बाद आरोपी किस रास्ते से निकले।
सहेली ने एप से बुलाया... क्या पहले से बिछाया था जाल?
जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है। मंजीत को सीधे आरोपियों ने नहीं बल्कि उसकी महिला मित्र शुभी ने एक ऐप के जरिये संपर्क कर मिलने के बहाने बुलाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शुभी से संपर्क किसने कराया, उसे क्या निर्देश दिए गए और क्या वह पूरी साजिश में शामिल थी या उसे भी मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया। शुभी और रिंकू दोनों भाग हुए हैं। पुलिस को शक है कि हत्याकांड की साजिश में छह से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। किसी ने मंजीत को बुलाने, किसी ने उसे काबू करने और किसी ने वारदात के बाद शव ठिकाने लगाने या आरोपियों को फरार कराने में भूमिका निभाई हो सकती है।
गर्भ में बच्चा... डीएनए खोलेगा पितृत्व और साजिश का राज?
मंजीत करीब तीन महीने की गर्भवती थी। अब गर्भ में पल रहा बच्चा भी जांच की अहम कड़ी बन गया है। पुलिस ने पिंदा का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा है जिसे भ्रूण के डीएनए से मिलाया जाएगा। जांच के दायरे में आने वाले अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल भी लिए जाने की तैयारी है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे का पिता कौन है और क्या मंजीत की गर्भावस्था या बच्चे के पिता से जुड़ा कोई विवाद हत्या की वजह बना? साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि मंजीत की गर्भावस्था की जानकारी किन लोगों को थी और क्या इसे लेकर किसी को आपत्ति थी।
स्विफ्ट से अपहरण, फॉर्च्यूनर ने खोली एक और कड़ी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंजीत के अपहरण में स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया गया था और इसी के जरिए उसे चंडीगढ़ से मोहाली ले जाया गया। पुलिस स्विफ्ट की तलाश कर रही है और यह पता लगा रही है कि वारदात के दौरान उसमें कौन-कौन सवार था। वहीं, पिंदा को फॉर्च्यूनर कार के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, वह अलग-अलग जगहों पर लोकेशन बदलने के दौरान इस वाहन का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने फॉर्च्यूनर जब्त कर ली है।
मां को था रिंकू-पिंदा पर शक, मोबाइल लोकेशन से पिंदा तक पहुंची पुलिस
मंजीत की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और पिंदा पर शक जताया था। अपहरण वाली रात की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन खंगालने के दौरान पुलिस को पिंदा की मौजूदगी से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद उसे मंगलवार देर रात सेक्टर-38 मोटर मार्केट के पास से गिरफ्तार किया गया। बुधवार को जिला अदालत में पेश किए गए पिंदा को अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब उससे अपहरण, बंधक बनाने, मारपीट, आग लगाने, शव ठिकाने लगाने, वाहनों के इस्तेमाल और फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
मृतका की मां और बहन के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जा चुके हैं।
कोट...
इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। मामला अंडर इन्वेस्टिगेशन है। आरोपी रिमांड पर है और उसे पूछताछ की जा रही है। -गुरजीत कौर, डीसीपी साउथ
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले मंजीत को किसी पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया। इसके बाद उसके ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा ने पूछताछ में घटनाक्रम से जुड़ी ये जानकारियां दी हैं। पुलिस उसके बयानों को तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से वेरीफाई करने में जुटी है।
विज्ञापन
रिंकू से विवाद... फिर सेक्टर-34 के पार्क के पीछे ले गए
पिंदा ने कथित तौर पर पूछताछ में बताया कि मंजीत और मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू के बीच पहले से विवाद चल रहा था। विवाद के बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां दोबारा हाथापाई हुई। इसके बाद मंजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है-क्या यही वह जगह है जहां मंजीत ने आखिरी सांस ली?
इसकी पुष्टि के लिए पुलिस सेक्टर-34 और आसपास के इलाकों का मोबाइल डंप डाटा, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि वारदात के वक्त कौन-कौन लोग आसपास मौजूद थे और घटना के बाद आरोपी किस रास्ते से निकले।
सहेली ने एप से बुलाया... क्या पहले से बिछाया था जाल?
जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है। मंजीत को सीधे आरोपियों ने नहीं बल्कि उसकी महिला मित्र शुभी ने एक ऐप के जरिये संपर्क कर मिलने के बहाने बुलाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शुभी से संपर्क किसने कराया, उसे क्या निर्देश दिए गए और क्या वह पूरी साजिश में शामिल थी या उसे भी मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया। शुभी और रिंकू दोनों भाग हुए हैं। पुलिस को शक है कि हत्याकांड की साजिश में छह से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। किसी ने मंजीत को बुलाने, किसी ने उसे काबू करने और किसी ने वारदात के बाद शव ठिकाने लगाने या आरोपियों को फरार कराने में भूमिका निभाई हो सकती है।
गर्भ में बच्चा... डीएनए खोलेगा पितृत्व और साजिश का राज?
मंजीत करीब तीन महीने की गर्भवती थी। अब गर्भ में पल रहा बच्चा भी जांच की अहम कड़ी बन गया है। पुलिस ने पिंदा का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा है जिसे भ्रूण के डीएनए से मिलाया जाएगा। जांच के दायरे में आने वाले अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल भी लिए जाने की तैयारी है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे का पिता कौन है और क्या मंजीत की गर्भावस्था या बच्चे के पिता से जुड़ा कोई विवाद हत्या की वजह बना? साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि मंजीत की गर्भावस्था की जानकारी किन लोगों को थी और क्या इसे लेकर किसी को आपत्ति थी।
स्विफ्ट से अपहरण, फॉर्च्यूनर ने खोली एक और कड़ी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंजीत के अपहरण में स्विफ्ट कार का इस्तेमाल किया गया था और इसी के जरिए उसे चंडीगढ़ से मोहाली ले जाया गया। पुलिस स्विफ्ट की तलाश कर रही है और यह पता लगा रही है कि वारदात के दौरान उसमें कौन-कौन सवार था। वहीं, पिंदा को फॉर्च्यूनर कार के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, वह अलग-अलग जगहों पर लोकेशन बदलने के दौरान इस वाहन का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने फॉर्च्यूनर जब्त कर ली है।
मां को था रिंकू-पिंदा पर शक, मोबाइल लोकेशन से पिंदा तक पहुंची पुलिस
मंजीत की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और पिंदा पर शक जताया था। अपहरण वाली रात की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन खंगालने के दौरान पुलिस को पिंदा की मौजूदगी से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद उसे मंगलवार देर रात सेक्टर-38 मोटर मार्केट के पास से गिरफ्तार किया गया। बुधवार को जिला अदालत में पेश किए गए पिंदा को अदालत ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब उससे अपहरण, बंधक बनाने, मारपीट, आग लगाने, शव ठिकाने लगाने, वाहनों के इस्तेमाल और फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
मृतका की मां और बहन के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जा चुके हैं।
कोट...
इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। मामला अंडर इन्वेस्टिगेशन है। आरोपी रिमांड पर है और उसे पूछताछ की जा रही है। -गुरजीत कौर, डीसीपी साउथ