बादशाह गैंग का पर्दाफाश, बाप-बेटे समेत 6 गिरफ्तार
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सूरत मॉडल पर दरीबा कलां इलाके में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज के जरिये दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आकर राजधानी में लूटपाट करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बादशाह गैंग के सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
बदमाशों के पास से ज्वेलर से लूटे गए दो लाख रुपये और करीब 18 लाख रुपये की हीरे की अंगुठियां और सोने के कड़े बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने बताया कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए दरीबा कलां मार्केट एसोसिएशन की ओर से अगस्त में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
इन सीसीटीवी कैमरों के जरिये पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो प्लेन और ट्रेन से दिल्ली आकर ज्वेलरों को निशाना बनाते थे।
गिरोह के सदस्य 7 नवंबर को मालीबाड़ा में ज्वेलर मनोज कुमार का बैग छीनकर भाग गए थे। मनोज घटना के समय घर जा रहा था। बैग में पौने पांच लाख रुपये के अलावा 32 डायमंड रिंग, चार कड़े और चार हीरे थे। जिसकी कीमत करीब 18 लाख रुपये थी।
पिता-पुत्र हैं गैंग सरगना
घटना के बाद मनोज ने बदमाश को दबोच लिया, जिसने उसे धक्का देकर ध्यान भंग करने की कोशिश की थी। पकड़े गए बदमाश की पहचान मोहम्मद अहमद के रूप में हुई। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की लेकिन उसने वारदात में शामिल होने से इंकार कर दिया।
पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को खंगाला। जिसमें वारदात के समय में गिरोह के सभी सदस्यों की भूमिका कैद थी। सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर अहमद ने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि वह मलाड मुंबई का रहने वाला है। यह गिरोह मुंबई से ऑपरेट करता है। पुलिस ने फुटेज से सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया।
सूरत में दो को दबोचा
अहमद ने बताया कि वारदात को अंजाम देकर सभी आरोपी ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना होने वाले थे। कोतवाली थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये बदमाशों की पहचान कर ली और सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में तलाशी लेकर दो बदमाशों को दबोच लिया। जिनकी पहचान शमीम जाफरी और राजू के रूप में हुई। उनके पास से दो लाख रुपये बरामद किए गए।
जांच के बाद पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना शमीम जाफरी और उसका पिता नसीम जाफरी है। इसके अलावा गिरोह में सलीम, साजिद, गुड्डू, राजू और मनिया शामिल हैं। गिरोह दिल्ली और कोलकाता व अन्य महानगरों में वारदात को अंजाम देता है। दिल्ली आने के बाद गिरोह के सदस्य जामा मस्जिद इलाके में स्थित आजाद गेस्ट हाउस में ठहरे थे। यहां से इन लोगों ने इलाके की रेकी की और फिर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। आरोपियों के खिलाफ मुंबई के अलावा कोलकाता में मामले दर्ज हैं।