शहर में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध, लोगों ने पुलिस की ट्रेनिंग पर उठाए सवाल
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शहर में आए दिन लूट की वारदात ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। लोगों पर हमला कर उन्हें लूटना आम बात हो गई है।
बाजारों में और सुनसान सड़कों पर दिनदहाड़े वारदात से लोगों में हमेशा भय बना रहता है। उनका कहना है कि पिछले तीन माह का रिकॉर्ड देखा जाए तो अभी तक लूट की कई वारदात का खुलासा पुलिस नहीं कर सकी है।
पिछले कुछ दिनों में हुई लूट की वारदात पर गौर करें तो पता चलता है कि इस दौरान बैंक और व्यापारी बदमाशों के निशाने पर है। सुबह से ही बैंक के आसपास पीसीआर की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बावजूद बदमाश बैंक में रेकी करने के बाद कैश लेकर जाने वाले व्यापारी को लूट लेते हैं।
100 दिनों में हुई 100 वारदात
ग्रेटर नोएडा और देहात क्षेत्र में पिछले 100 दिनों में सौ से ज्यादा आपराधिक घटनाएं हुई हैं। इनमें मारपीट, चोरी, छेड़छाड़ के अलावा दुष्कर्म, हत्या, लूट और डकैती जैसी बड़ी घटनाएं शामिल हैं।
इन घटनाओं में शामिल कई अपराधियों पर तो कार्रवाई हुई, लेकिन ज्यादातर मामलों में पुलिस के हाथ खाली हैं। वहीं एसपी देहात अभिषेक यादव का कहना है कि अपराध पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लूट की कुछ घटनाएं
कैश लूट- 8
कैब में लिफ्ट देकर लूटा- 5
कार लूट- 7
घर व फ्लैट में चोरी- 10
पिछले तीन महीने की प्रमुख आपराधिक घटनाएं--
-11 मार्च को पेंट कारोबारी को अगवा कर 14 लाख रुपये लूटे
-9 मार्च को दादरी में रिटायर्ड लेखपाल से 5 लाख रुपये लूटे
-8 फरवरी को कासना क्षेत्र में डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट से स्विफ्ट कार लूटी
-5 जनवरी को सेक्टर बीटा-2 में 30 लाख की डकैती
-12 दिसंबर को वाइन शॉप सेल्समैन की हत्या कर दो लाख लूटे
-11 दिसंबर को ठेकेदार से गनप्वाइंट पर 15 लाख की लूटे