जरायम की दुनिया का बादशाह बनना चाहता था,मुठभेड़ में मारा गया अमित
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इसके बाद अमित जरायम की दुनिया में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए वारदातों को अंजाम देता रहा। विभिन्न थानों में अमित पर लूट, डकैती और हत्या के 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार अमित ने 2004 में प्राणगढ़ गांव के ही पिंटू की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि संजय को गोली मारकर घायल कर दिया था। 2004 में कोतवाली पुलिस ने उसे अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया। 2005 में कोतवाली पुलिस ने उस पर गुंडा एक्ट लगाया। 2006 में कोतवाली में उसके खिलाफ डकैती का मामला दर्ज किया गया। 2006 में ही मथुरा में उसके खिलाफ डकैती का मामला दर्ज किया गया।
अमित ने 2009 में लोनी थाना क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम दिया। 2009 में थाना लोनी में उसके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई और पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाया। 2009 में थाना गुलावठी में उसके खिलाफ हत्या, 25 आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई।
उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, हत्या और लूट का मामला
2016 में सिकंदराबाद में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 2017 में कोतवाली देहात में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई। 2018 में कोतवाली सिकंदराबाद में उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, हत्या और लूट का मामला दर्ज किया गया
ताऊ के साथ भी जुड़े थे तार
पुलिस सूत्रों की मानें तो बुलंदशहर में करीब पांच वर्ष पूर्व राजेबाबू रोड स्थित एक ज्वैलरी शोरूम पर दिन ढलते ही करोड़ों की डकैती हुई थी। घटना का खुलासा पुलिस ने कर दिया था और मुख्य आरोपी ताऊ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताया गया कि उस दौरान ताऊ ने डकैती के संबंध में अमित से संपर्क भी किया था, लेकिन अमित उस डकैती में शामिल नहीं हुआ था।
ठेकेदार से लूटी गई रिवाल्वर बरामद
मुठभेड़ के बाद सिकंदराबाद पुलिस ने अमित के पास से ठेकेदार जगवीर की हत्या के बाद लूटी गई उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर भी बरामद की है। इसके अलावा उसके पास से एक देशी पिस्टल व दिल्ली से लूटी गई स्विफ्ट कार बरामद की है।
हत्या के मामले में हुई थी उम्रकैद
पुलिस ने बताया कि अमित ने 13 सितंबर 2004 में गांव के ही पिंटू की हत्या की थी और संजय को घायल किया था। बुलंदशहर न्यायालय ने तीन अप्रैल 2010 में अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। इस मामले में वह जमानत पर बाहर था।
पिता-भाई का भी हुआ था मर्डर
बताया गया कि रंजिश के चलते करीब 20 साल पहले उसके पिता दरयाव सिंह उर्फ दाहड़ी की हत्या कर दी गई थी। तीन साल पहले उसके छोटे भाई ललित की भी हत्या कर दी गई थी। छह माह पूर्व बीमारी के चलते उसकी मां की मौत हो गई थी।
बड़ी बहन सोनिया की कोतवाली क्षेत्र के गांव भटौना में शादी हुई है, उसके दो लड़के हैं। अमित के चाचा व ताऊ दिल्ली में रहते हैं। फिलहाल वह प्राणगढ़ में अकेला रहता था।
करीब दो साल में तीन बदमाश ढेर
ककोड़ क्षेत्र समेत जनपद में छह से अधिक डकैती की वारदातों को अंजाम देने वाले अहेरिया गैंग के सरगना अलीगढ़ के जवां थाना क्षेत्र निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश सोनू कुमार को 28-29 दिसंबर 2017 की रात संतपुरा चौकी क्षेत्र में सिकंदराबाद-बराल मार्ग पर फकाना नहर पर मुठभेड़ में पुलिस ने ढेर कर दिया था।
सोनू एनकाउंटर के करीब दो माह बाद पुलिस ने नगरपालिका ठेकेदार जगवीर सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी इनामी बदमाश अमित उर्फ कलवा को ढेर कर दिया। इससे पहले 27 मई 2016 को पुलिस ने प्राणगढ़ के जंगलों में दुर्र्गेश जौली को एनकाउंटर में मार गिराया था।
दुर्गेश जौली ने रंगदारी नहीं देने पर नगर के किराना व्यापारी मनोज कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया था।