महिला डॉक्टर पर पूजा का पोस्टमार्टम न करने का दबाव बना रहा था अमित
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इंस्पेक्टर अमित और उसके गुर्गों ने पत्रकार पूजा तिवारी का पोस्टमार्टम करने वाली एक महिला डॉक्टर पर दबाव बनाया था। दबाव में आकर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रोहतक में कराने की सलाह दी थी।
बाद में वरिष्ठ डॉक्टर के हस्तक्षेप के बाद पोस्टमार्टम हुआ था। यह आरोप पूजा के पिता रवि तिवारी ने लगाए हैं। उन्होंने इंस्पेक्टर अमित, उसके गुर्गों और महिला डॉक्टर के फोन कॉल डिटेल की जांच करने की भी मांग की है।
पिता रवि तिवारी का आरोप है कि पूजा के पोस्टमार्टम के समय इंस्पेक्टर अमित लगातार बीके सिविल अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क में था।
लहूलुहान पूजा को अस्पताल में छोड़कर चला गया था अमित
मालूम हो कि 1 मई की रात इंस्पेक्टर अमित और आमरीन खान लहूलुहान पूजा को सेक्टर 21 स्थित एशियन अस्पताल ले गए थे। पूजा को छोड़कर दोनों वहां से चले गए थे।
सुबह करीब 11 बजे पहुंचे जांच अधिकारी ओम प्रकाश को भी दोनों अस्पताल में नहीं मिले थे। पुलिस ने पूजा का शव पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल भिजवाया था।
पिता के मुताबिक इंस्पेक्टर अमित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद था और डॉक्टरों से लगातार फोन पर संपर्क में था। उनका आरोप है कि अमित बीके सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं होने देना चाहता था इसलिए वह एक महिला डॉक्टर को लगातार फोन कर उस पर दबाव बना रहा था।
दबाव में आ गई थी महिला डॉक्टर
दबाव में आई डॉक्टर ने भी शव रोहतक भेजे जाने पर जोर दिया था। इस पर पूजा के अभिभावकों ने रोष जाहिर किया तो पैनल के पुरुष डॉक्टर ने बीके में ही पोस्टमार्टम करने की बात कही।
उनको आशंका है कि दबाव में आयी महिला डॉक्टर ने पोस्टमार्टम में लापरवाही न बरती हो। उनका कहना है कि पुलिस को इंस्पेक्टर अमित और महिला डॉक्टर के फोन की कॉल डिटेल निकलवा कर दोनों से पूछताछ करनी चाहिए कि उनके बीच उस समय क्या बात हुई थी।
मामले की जांच कर रही एसआईटी की प्रधान एसीपी आस्था मोदी का कहना है कि यदि रवि तिवारी अपने बयान में यह तथ्य रखेंगे तो इस पर भी जांच की जाएगी।