कोर्ट ने राजेंद्र कुमार की रिमांड बढ़ाने से किया इंकार, अब विशेष अदालत में होगी पेशी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत ने दिल्ली सरकार के निलंबित प्रधान सचिव व छह अन्य को रिमांड देने से इनकार कर दिया। सभी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए कहा कि यह मामला विशेष सीबीआई अदालत से संबंधित है, ऐसे में संबंधित अदालत ही रिमांड बढ़ाने या देने पर निर्णय ले सकती है।
सीबीआई ने राजेंद्र सहित सभी सात को पटियाला हाउस स्थित अदालत में रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट शुनाली गुप्ता के समक्ष पेश किया। सीबीआई जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि राजेंद्र सिंह सहित पांच आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर पांच दिन का रिमांड लिया था।
उन्होंने कहा कि इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आईसीएसआईएल के वर्तमान प्रबंध निदेशक आरएस कौशिक व पूर्व प्रबंधक निदेशक जीके नंदा को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी आरोपी घोटाले में लिप्त है। जांच अधिकारी ने कहा कि सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है और कई अहम साक्ष्य सामने आ सकते हैं।
'सीबीआई की विशेष अदालत सुन रही है मामला इसलिए नहीं अधिकार'
ऐसे में पहले से गिरफ्तार राजेंद्र सिंह सहित पांच की रिमांड अवधि तीन दिन के लिए बढ़ाई जाए, जबकि गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों का तीन दिन का रिमांड स्वीकार किया जाए।
बचाव पक्ष ने रिमांड अवधि बढ़ाने व अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि यह मामला सीबीआई की विशेष अदालत सुन रही है और उन्हें इस मामले को सुनने का अधिकार नहीं है।
इसलिए वे सभी आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए उन्हें सोमवार को संबंधित अदालत में पेश करने का निर्देश देती है। उन्होंने कहा कि संबंधित अदालत ही रिमांड बढ़ाने या रिमांड देने का मुद्दा तय करेगी।
मामला एंडेवर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को सरकारी ठेके देने में अनियमितता व घूसखोरी से जुड़ा है। विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने हाल ही में राजेंद्र कुमार, दिनेश कुमार गुप्ता, संदीप कुमार, अशोक कुमार, तरुण शर्मा से पूछताछ के लिए पांच दिन का रिमांड दिया था।
पेश मामले में सीबीआई ने 14 दिसंबर 2015 में एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद सीबीआई ने मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय में छापेमारी करके कई अहम फाइलें व दूसरे दस्तावेज बरामद किए थे।