छह करोड़ की ठगी में मैनेजर गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 6 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी कंपनी के निदेशकों के साथ पोंजी स्कीम के तहत लोगों के साथ ठगी करता।
आरोपी ने कंपनी के निदेशकों के साथ मिलकर करीब 300 लोगों के साथ ठगी की है। मैनेजर वर्ष 2008 से फरार था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविन्द्र यादव के अनुसार शाखा में तैनात इंस्पेक्टर पीसी यादव को विशेष सूचना मिली थी कि ठगी के मामले में वांछित आरोपी सुखदेव सिंह उर्फसुखा (41) सेक्टर-14, द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास किसी से मिलने आएगा।
इंस्पेक्टर पीसी यादव की टीम ने यहां घेराबंदी कर एक नवंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी द्वारका में पाराडाइज अपार्टमेंट सेक्टर-9 द्वारका में रहता था और मूलरूप से गांव कोकलपुर पोस्ट कांजाली जिला कपूरथला पंजाब का रहने वाला है।
ऑफिस में ताला लगाकर गायब
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2008 में नरेन्द्र सातोहा और उसकी पत्नी अनिता सातोहा ने ककरौला मोड पर अल्मानडाइन मार्केटिंग प्राइवेट लि. नाम से कंपनी खोली। सुखदेव सिंह इस कंपनी में मैनेजर और नेटवर्किंग हेड था। कंपनी ने लोगों को आश्वासन दिया था कि उनके पैसे छह महीने में दोगुने हो जाएंगे।
शर्ते ये थी कि पैसे जमा करने वाले को दो ऐसे और लोगों के पैसे अपने साथ जमा कराने होंगे। इसके बाद जमा कराने वाले दो लोग चार और लोग लाएंगे। इस तरह आरोपियों ने करीब 300 लोगों से छह करोड़ रुपये ठग लिए थे।
आरोपी लोगों के छह करोड़ रुपये लेकर ऑफिस में ताला लगाकर गायब हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लोगों से दस से 50 हजार रुपये तक जमा करवाते थे। मामला दर्जकर द्वारका(नार्थ) थाना पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
आठवीं पास सुखदेव दिल्ली एयरपोर्ट पर लोडर का काम करता था। इसके बाद इसने विकासपुरी में गारमेंट्स का व्यवसाय खोला, मगर इसे घाटा हो गया। इसके बाद ये कनक धारा के तहत लोगों से ठगी करने वाली एक कंपनी में काम करता था। इस कंपनी के लोग भी लोगों के करोड़ रुपये लेकर गायब हो गए थे।