सीएम का वादा, ‘मुझे डीडीए से जमीन दिला दो, मैं अस्पताल बनवा दूंगा’
दिल्ली विधानसभा में बजट पर चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विपक्ष की गिनाई कमियों को केंद्र की मोदी सरकार के पाले में डाल दिया। कुशल कूटनीतिज्ञ की तरह केजरीवाल ने कहा कि आप मुझे डीडीए से जमीन दिला दो, मैं अस्पताल बनवा दूंगा।
जमीन के लिए पैसा देने को भी तैयार हूं, केंद्र सरकार से पैसा दिला दो, मैं एमसीडी को फंड दे दूंगा। जब आप की पार्टी आईएसआई, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से दोस्ती कर सकती है तो हमसे दोस्ती आप क्यों नहीं निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं हाथ जोड़कर आपसे कहता हूं कि हमारा बिल हमें वापस कर दो। सदन में उन्होंने कहा कि मैं एक प्रस्ताव रख रहा हूं, नई किस्म की राजनीति करना चाह रहा हूं।
विपक्ष मेरे साथ काम करे, मैं उनकी विधानसभा का सबसे पहले काम कराऊंगा
विपक्ष मेरे साथ काम करे, मैं उनके विधानसभा क्षेत्र का सबसे पहले काम कराऊंगा। इतिहास लिखा जाएगा तो यह होगा कि हमने विपक्ष के साथ मिलकर काम किया। विपक्ष से उन्होंने कहा कि आप हमारी कमियां निकालिए मैं जरूर पूरा करूंगा, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार में जो हमारे काम फंसे हैं, वह काम हमारा करा दें।
शिक्षा का बिल भी केंद्र सरकार के पास है, नेताजी सुभाष चंद्र इंस्टीट्यूट का बिल भी केंद्र सरकार के पास है। कमोबेश 16-17 बिल केंद्र की झोली में हैं वह पास करा दें ताकि बिल कानून बन सके।
उन्होंने बताया कि संवैधानिक प्रक्रिया है जिसके तहत किसी भी बिल पर राज्य सरकार को केंद्र से प्रायर एप्रूवल लेना होता है। कुछ बिल प्रायर एप्रूवल के लिए केंद्र सरकार के पास है तो कुछ भारत के राष्ट्रपति के पास, ऐसे में कानून बनना मुश्किल है।