सीएम की घोषणाओं में से सिर्फ तीन पूरी, RTI से खुलासा
स्मार्ट सिटी के चयन में हुई उपेक्षा की आलोचना झेल रहे मुख्यमंत्री मनोहरलाल डैमेज कंट्रोल के लिए खुद को गुडग़ांव का सबसे बड़ा रहनुमा बता रहे हैं तो दूसरी ओर सरकारी आंकड़े उनकी पोल खोल रहे हैं।
सीएम ने अपने एक साल के कार्यकाल में गुडग़ांव में 50 घोषणाएं की हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ तीन ही पूरी हो सकी हैं। बाकी सिर्फ कागजी घोषणा साबित हो रही हैं। उनके लिए न तो इस्टीमेट बना है और न ही फंड जारी हुआ है।
यह किसी विपक्षी नेता के आरोप नहीं हैं बल्कि सूचना अधिकार कार्यकर्ता अभय जैन द्वारा डाली गई एक आरटीआई के जवाब में यह खुलासा हुआ है।
'सीएम हितैषी बनने का कर रहे दिखावा'
जैन कहते हैं कि सीएम सिर्फ इस शहर का हितैषी बनने का दिखावा कर रहे हैं, असल में तो उन्होंने इस शहर की हर तरह से उपेक्षा की है।
सिर्फ हर सप्ताह गुडग़ांव आने से ही यह साबित नहीं हो जाता है कि कोई सीएम इस शहर के लिए चिंतित है। घोषणाओं पर अमल हो तब बात बनेगी। जैन ने 27 नवंबर 2015 को यह आरटीआई राज्य जन सूचना अधिकारी कम सहायक परियोजना अधिकारी गुडग़ांव के पास डाली थी। जिसका जवाब उन्हें 8 जनवरी 2016 को मिला है।
इसके जवाब में सरकार ने माना है कि एक नवंबर 2014 से 20 नवंबर 2015 तक मुख्यमंत्री ने गुडग़ांव में जो 50 घोषणाएं की हैं उनमें से सिर्फ तीन पूरी हुई हैं। इनमें एक घोषणा तो सीएम विंडो की भी है।