नाबालिगों ने किया क्लासमेट को किडनैप
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गुड़गांव के साइबर सिटी के एक व्यापारी के बेटे का अपहरण उसके ही पूर्व सहपाठियों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पांच करोड़ फिरौती वसूली के लिए किया था। आरोपी फिरौती की रकम वसूलकर छात्र की हत्या करने की फिराक में थे।
ऐन वक्त पर पुलिस को मिले सुराग से उनकी योजना फ्लॉप हो गई। करीब आठ घंटे के ऑपरेशन के बाद शुक्रवार रात नौ बजे गुड़गांव पुलिस ने छात्र को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने तीन अपहर्ताओं को दबोच लिया। इनमें से दो नाबालिग हैं। पुलिस की छह टीमें इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड युवक को दबोचने में जुटी हुई है।
मामला शुक्रवार दोपहर का है। पालम विहार के चिरंजीव भारती पब्लिक स्कूल में 12वीं का छात्र मानव स्कूल में छुट्टी के बाद घर लौट रहा था। एक बजकर दस मिनट पर पालम विहार सी ब्लॉक स्थित अपने घर के आगे पहुंचा ही था कि सफेद रंग की सेंट्रो कार में सवार चार लड़कों ने जबरदस्ती उसे गाड़ी में डालकर फरार हो गए।
पुलिस को कार का सुराग मिलने के बाद सीआईए यूनिट समेत छह टीमों को अपहर्ताओं के पीछे लगा दिया। शाम को अपहर्ताओं ने मानव के पिता विनोद मल्होत्रा के मोबाइल पर कॉल कर उससे पांच करोड़ की फिरौती की मांग की। साथ ही धमकी दी कि पुलिस को बताया तो बेटे का कत्ल कर दिया जाएगा।
अपहर्ताओं के मानव के मोबाइल फोन से ही कॉल आने के बाद पुलिस के लिए काम आसान हो गया। लोकेशन के आधार पर खुफिया तंत्र की मदद से गैरतपुर बांस की पहाड़ियों के आसपास अपहर्ताओं को घेरने की कोशिश की। खुद को घिरता देख चारों अपहर्ता मानव को सेक्टर पांच के पास छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मानव की सूचना पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आठ टीमों ने किया अहहत को बरामद
पुलिस और खुफिया तंत्र ने व्यापारी पुत्र मानव को बरामद कर तीन अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर बेहतर सूझबूझ का परिचय दिया है। फिलहाल वारदात के मास्टरमाइंड युवक को गिरफ्तार किया जाना है। मानव की सकुशल बरामदगी में एक स्थानीय महिला का साहस भी काम आया।
बदहवास हालत में घर पहुंचे मानव ने परिजनों व पुलिस को बताया कि उसका अपहरण उसके साथ पढ़ चुके मोहित जोशी व अक्षय पूनिया ने दो दोस्तों के साथ मिलकर किया था।
मानव से जानकारी मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाकर सबसे पहले अक्षय पूनिया को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर वारदात में शामिल लक्ष्मण विहार और सेक्टर चार निवासी दो अन्य नाबालिग आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
अपहरण की साजिश को नाकाम करने के बाद शनिवार को डीसीपी वेस्ट संगीता कालिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने छात्र को सकुशल बरामद करने के साथ ही उस गाड़ी को भी बरामद कर लिया, जिससे मानव को अगवा किया गया था।
पुलिस अब मुख्य सूत्रधार मोहित जोशी की तलाश कर रही है। शनिवार को पुलिस ने दोनों नाबालिगों को सुधारगृह में भेज दिया, जबकि अक्षय को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस के मुताबिक वारदात का मास्टरमाइंड भी जल्द ही पकड़ में आने वाला है।
हत्या कर मुंबई भागने का था इरादा
पुलिस की पकड़ में आए आरोपियों से पूछताछ में कबूला कि मानव के पापा के बड़े शोरूम और पैसों को देखते हुए उसका अपहरण किया गया। पांच करोड़ की फिरौती की रकम मिलने के बाद चारों मानव का अपहरण कर सीधा मुंबई जाने वाले थे। पुलिस के मुताबिक मुख्य अभियुक्त मोहित ने दोनों नाबालिगों को अपराध की दुनिया में नाम कमाने के सपने दिखाते हुए साथ मिलाया।
एक और को बनाना था निशाना
मोहित और अक्षय दोनों मानव के साथ ही उसके स्कूल में पढ़ते थे। इन्हें स्कूल से दो साल पहले निकाल दिया गया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मोहित और अक्षय ने मिलकर अपहरण की साजिश रची जिसमें स्कूल में पढ़ने वाले मालदार परिवार के लड़कों की सूची बनाई। जिसमें मानव के अलावा एक अन्य युवक को निशाने पर लिया। मानव को लेकर पूरी योजना बनने पर उन्होंने पहले उसका अपहरण कर लिया।
महिला की सूझबूझ से टली बड़ी वारदात
दोपहर को जब अपहर्ताओं ने मानव को सी ब्लॉक के गेट के सामने से अपनी सफेद रंग की सेंट्रो गाड़ी में बैठाकर फरार हुए, उस वक्त स्थानीय महिला अंजू गुप्ता ने पूरी वारदात को देख लिया। महिला ने गाड़ी का नंबर नोट कर पुलिस को सूचना दे दी। डीसीपी वेस्ट संगीता कालिया ने बताया कि महिला की सूचना के आधार पर कई जगह पुलिस नाकाबंदी लगा दी। पालम विहार थाना पुलिस के अलावा सीआईए यूनिट को भी अलर्ट कर दिया गया। पूरी सावधानी से ऑपरेशन चला।