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बच्चों को बंधक बनाकर देते थे यातनाएं और खौफनाक सजा

Mon, 03 Aug 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 03 Aug 2015 12:22 AM IST
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Children would be held hostage tortured and sentenced Creepy.

गामा-वन स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी से छुड़ाए गए तीन बच्चों को केवल रेस्टोरेंट मालिक ही नहीं बल्कि पूरा परिवार यातनाएं देता था। ये परिवार इससे पहले भी डेल्टा सेक्टर में एक बच्चे को यातनाएं दे चुका है।

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उस वक्त भी यहां से एक बच्चा छुड़ाया गया था। इसके बाद परिवार ने गामा-वन सेक्टर में शिफ्ट किया था। एक साल पहले भी रेस्त्रां संचालक और उसके परिवार के कब्जे से सूरजपुर पुलिस ने एक बच्चे को मुक्त कराया था।
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बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया था कि आरोपी बच्चे को पालने और छोटा मोटा काम कराने के बहाने लाए थे मगर बाद में उसे तरह-तरह से यातनाएं दी गई। उसे सिगरेट तक से दागा गया था।
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बच्चे ने बयां की दर्दनाक कहानी

Children would be held hostage tortured and sentenced Creepy.

मगर उस समय परिजन प्राथमिक सूचना देने के बाद बच्चे को लेकर चले गए थे और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कराई थी। वहीं, मामले में एक आरोपी मुकेश फरार है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुत्तों का मीट बनाकर नाइजीरियन को होम डिलीवरी करने की बात भी सामने आई है जबकि पुलिस ने एक बक्से से मीट बरामद किया था।

30 जुलाई को ऑफिसर्स कॉलोनी के एक घर से सात साल का बच्चा भाग निकला था, जिसने बताया था कि वहां बच्चों को बंधक बनाकर रखा गया है। उनको करंट के झटके तक दिए जाते थे।

नीइजीरियन को परोसते थे कुत्तों का मीट

Children would be held hostage tortured and sentenced Creepy.

इसके बाद कासना पुलिस ने गामा-वन स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में अविनाश कुमार के घर से दो और बच्चों को मुक्त कराया था। अविनाश कुमार और उसका दामाद मुकेश माई स्पाइस कैफे नाम से रेस्त्रां चलाते थे।

जहां कुत्तों का मीट बनाकर नीइजीरियन ग्राहकों को परोसा जाता था। सूत्रों ने बताया कि रेस्त्रां पर अकसर महिला बैठती थी लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रैस्त्रां मालिक ऑर्डर पर ही कुत्तों का मीट बनवाते थे और घर पर ही डिलीवरी करते थे।

आखिर कहां से आ रहा था रेस्त्रां का खर्चा
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रेस्त्रां के आसपास दुकानदारों ने बताया कि वहां पर खाना खाने के लिए दिन में मात्र दो से पांच लोग ही आते थे। मगर उसका किराया और कर्मचारियों का खर्चा तथा बिल आदि करीब डेढ़ लाख रुपये का था।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी कुत्तों का मीट मन चाहे दामों पर सप्लाई करते थे, जिससे खर्चा निकलता था।

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