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इराक में फंसे युवक ने फोन पर सुनाई दास्तां
अरीश रिजवी/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 26 Jun 2014 12:05 AM IST
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‘यहां हर तरफ खून खराबा, हमले की खबरें और रुक-रुककर गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दे रही थी। ऐसे में किसी तरह तिकरित से निकलकर नजफ पहुंचा हूं।
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अब यहां सुरक्षित हूं, जल्द ही भारत लौटूंगा’। ये आपबीती आरिफ ने इराक से फोन पर परिजनों को सुनाई तो उनकी आंखें भर आईं। सभी आरिफ की सलामती की दुआ करने लगे।
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सिहानी गेट, हिंडन पुस्ता निवासी आरिफ इराक के तिकरित शहर के होटल में नौकरी करता है। आरिफ के पिता अजादार हुसैन मूलरूप से मुजफ्फरनगर केरहने वाले हैं। उनके तीन बेटों में बड़ा अमी अब्बास दुबई में इंटीरियर डिजाइनर है।
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अमी इन दिनों गाजियाबाद में हैं। दूसरा नईम इराक के नजफ शहर में है। तीसरा आरिफ छह माह पहले ही तिकरित गया है। अमी अब्बास और चचेरे भाई अली ने बताया कि जब इराक का माहौल बिगड़ने लगा तो उन्होंने आरिफ से फोन पर बात की।
आरिफ ने बताया कि हालात बदतर हैं। वह होटल में है और यहां से निकलने की कोशिश में है। जैसे ही मौका मिलेगा निकल जाएगा। उसके बड़े भाई नईम ने तिकरित से निकलने में उसकी मदद की।
पिछले एक सप्ताह से वह नजफ में है और अब सुरक्षित है। आरिफ ने कहा है कि वह ईद परिवार के साथ मनाएगा। परिवार उसके सकुशल लौटने की दुआ कर रहा है।
ह्वाट्स एप पर वायरल हो रहे लाशों के फोटो
इराक में दंगाइयों के हमले में अब तक सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबर है। दूसरी तरफ, गाजियाबाद में भी इन दिनों ह्वास्ट एप पर कुछ लाशों के फोटोग्राफ वायरल हो रहे हैं, जो इराक हमले के बताए जा रहे हैं। हथियारबंद लोगों को लाशों के पास खड़े हुए या शवले जाते हुए दिख रहे हैं।