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Delhi: जल बोर्ड के पूर्व सलाहकार के खिलाफ केस दर्ज, 10 STP के विस्तार और नवीनीकरण मामले में घोटाले का आरोप

Wed, 15 May 2024 11:27 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Wed, 15 May 2024 11:27 PM IST
सार

सतर्कता निदेशालय ने बीते 10 मई को एसीबी को शिकायत दी गई थी। एसीबी ने सलाहकार अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश रचने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज किया है।

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Case registered against former advisor of Delhi Jal Board
दिल्ली जल बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली जल बोर्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार, नवीनीकरण की टेंडर प्रक्रिया और अन्य मामले में करोड़ों के घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने बोर्ड के पूर्व सलाहकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में सतर्कता निदेशालय ने बीते 10 मई को एसीबी को शिकायत दी गई थी। एसीबी ने सलाहकार अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश रचने समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज किया है। पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

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श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कर रही एसीबी को कई घोटालों के बारे में पता चला है, जो विभिन्न परियोजनाओं के टेंडरों व फर्जी बिलों से संबंधित हैं। मामले में बिना काम किए करोड़ों रुपये के चालान प्रस्तुत किए गए। एसीबी ने पाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय में श्रीवास्तव की नियुक्ति में उचित नियुक्ति प्रक्रिया की अनदेखी की गई, जिसने अपने ससुर अमरीश भाटिया की कंपनी को रोहिणी एसटीपी में जल निकाय के निर्माण से संबंधित टेंडर में अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच में पता चला कि साइट पर बड़ी मशीनरी की शिपमेंट में जो नंबर चालान में दिया गया है, वह असल में मारुति स्विफ्ट कार का पंजीकरण नंबर है। 
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इसलिए ऐसा लगता है कि श्रीवास्तव के ससुर के स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स एडी हाइड्रो न्यूमेक इंजीनियर्स द्वारा वाटर बाडी वाली साइट पर कोई मशीनरी नहीं लगाई गई और कंपनी द्वारा इसके लिए नकली चालान तैयार किए गए। इसकी वजह से सरकारी खजाने को 2.16 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। एसीबी ने 10 मई को सतर्कता निदेशालय द्वारा मिली दूसरी शिकायत का हवाला दिया, जो 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार और नवीनीकरण की टेंडर प्रक्रिया के तहत दिल्ली जल बोर्ड में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपों से संबंधित है। फिलहाल इस मामले में एसआईटी अन्य अधिकारियों और श्रीवास्तव के सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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