'BJP की जीत फर्जी, ईवीएम में हुई गड़बड़ी'
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हारने के बाद कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी डॉली शर्मा ने ईवीएम में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बीजेपी की जीत को फर्जी बताया।
उन्होंने मतगणना केंद्र पर मशीन खराब होने पर प्रशासन की ओर से दूसरी ईवीएम का फर्जी बैकअप रखने और भाजपा प्रत्याशियों के जीतने पर कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के एजेंट के हस्ताक्षर नहीं लेने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल पर टेबल नंबर-27 पर वार्ड-29 के मतों की गणना के दौरान ईवीएम नंबर एफ-34692 के खुलने पर सबके वोट जीरो निकले। आनन-फानन में प्रशासन की ओर से उसी नंबर की दूसरी ईवीएम मंगवाई गई। फिर दूसरी मशीन ठीक निकली।
ईवीएम खुलने पर 14 की जगह केवल 12 प्रत्याशी ही निकले
वहीं, मेयर चुनाव में कुल 14 प्रत्याशी थे जबकि पसौंडा में एक ईवीएम खुलने पर 14 की जगह केवल 12 प्रत्याशी ही निकले। इसके बाद फिर नई बैकअप मशीन आई तो उसमें सभी 14 प्रत्याशी शामिल थे। जांच के लिए दी गई लिखित शिकायत की रिसीविंग देने से भी अधिकारियों ने मन कर दिया।
साथ ही चुनाव में किसी प्रत्याशी के जीतने के बाद दूसरे पायदान पर रहे प्रत्याशी के एजेंट के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। लेकिन विजयी रहे भाजपा प्रत्याशियों के साथ कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के एजेंटों के हस्ताक्षर नहीं कराए गए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों व एजेंटों को हर कहीं जाने की इजाजत थी, जबकि कांग्रेस के एजेंटों को पुलिस की ओर से धमकाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर ईवीएम से हुई गड़बड़ी की जांच होनी चाहिए। साथ ही उनके व कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष के साथ बदसलूकी करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।