दिल्ली के बजट में नई घोषणाओं से रहा परहेज, पुरानी पूरा करने की चुनौती
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई नई और अहम घोषणा नहीं की गई, क्योंकि पुरानी घोषणाओं को पूरा करने की चुनौती सरकार के सामने है। सरकार ने इस बजट में उन्हीं घोषणाओं को पूरा करने की बात कही है।
शिक्षा के बाद स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता में दूसरे पायदान पर है। कुल बजट का 16 फीसदी हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च करने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा करने के लिए योजनामद और गैरयोजनामद मिलाकर 5259 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त वर्ष-2015-16 में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट पर 4787 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। वित्त मंत्री ने कहा कि डाइनॉस्टिक सर्विसेज को सुदृढ़ करने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर काम करने का निर्णय लिया गया है।
लेबोरेटरी और रेडियोलॉजी डाइग्नोस्टिक सर्विसेज की क्षमताओं को विस्तार करने की बात कही गई है। इसके तहत लेबोरेटरी डाइग्नोस्टिक सेवाओं के लिए 70 करोड़, टेली रेडियोलॉजी के लिए 10 करोड़ और सीटी/एमआरआई के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकारी दवा और उपकरण आदि की खरीद के लिए 410 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इन योजनाओं को पूरा करने की चुनौती
द्वारका में बन रहे अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज में बिस्तर की संख्या 700 से बढ़ाकर 1500 करने की तैयारी है। बुराड़ी अस्पताल में बिस्तर की संख्या 200 से बढ़ाकर 800, अंबेडकर नगर अस्पताल में बिस्तर की संख्या 200 से 600 और अशोक विहार स्थित दीपचंद बंधु अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 200 से 400 करने की योजना है।
इसके अलावा नांगलोई, सीरसपुर और मादीपुर में तीन नए अस्पताल के निर्माण की योजना है। जबकि 10 नए अस्पतालों के निर्माण के लिए डीडीए से भूमि खरीदने की तैयारी है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये अस्पताल पीतमपुरा, महरौली, महीपालपुर, मंडावली-फजलपुर, गीता कॉलोनी, पांडव नगर और द्वारका में बनेंगे।
इस लक्ष्य को पाना है बाकी
. पीपीपी मॉडल पर चल रहे डायलिसिस यूनिट की संख्या 40 से बढ़ाकर 75 करना।
. कैट्स बेड़े में 110 नए एंबुलेंस लाने की तैयारी, जिसमें 10 अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।
. लोक नायक में 100 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर का निर्माण।
. राव तुलाराम और भीम राव अंबेडकर अस्पताल में एक-एक वन स्टॉप सेंटर।
. दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इलाज कराने वाले सभी मरीजों का हेल्थ कार्ड बनाना।