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प्राधिकरण की 3 साल बाद टूटी नींद, तोड़ा एडीएम का छज्जा
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:04 PM IST
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सेक्टर-29 निवासी एडीएम और रिटायर्ड कर्नल के बीच विवाद की वजह बने जिस अतिक्रमण की शिकायत तीन साल से की जा रही थी, बृहस्पतिवार को प्राधिकरण ने उस छज्जे को ढहा दिया। सुबह पांच बजे प्राधिकरण की टीम पुलिस के साथ एडीएम के भवन पर पहुंची और कार्रवाई अंजाम दी।
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दरअसल, रिटायर्ड कर्नल ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं जबकि एडीएम पहली मंजिल पर। वीरेंद्र ने तीन साल पहले प्राधिकरण के अधिकारियों से छज्जे की शिकायत की थी, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और यही कारण रहा कि एडीएम और वीरेंद्र के बीच विवाद बढ़ता रहा।
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इसके बाद एडीएम की पत्नी की तरफ से एससी/एसटी एक्ट के साथ-साथ मारपीट, छेड़छाड़ समेत कई धाराओं में मामला दर्ज करा दिया गया जिससे कर्नल समेत चार को जेल जाना पड़ा। विवाद प्रदेश में छाया तो प्राधिकरण के अधिकारियों की नींद टूटी और बृहस्पतिवार सुबह वर्क सर्किल-2 के वरिष्ठ प्रबंधक एससी मिश्रा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।
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रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने सुनाई खरी-खोटी
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किसी तरह का विवाद न हो इसके लिए पुलिस को भी बुलाया गया। हालांकि, बुलडोजर न पहुंचने से अफसरों ने मजदूरों के माध्यम से ही अतिक्रमण करके बनाए गए छज्जे को गिरा दिया। इसके अलावा बाहर वाले क्षेत्र में भी छज्जा बनाया गया था, उसे भी प्राधिकरण कर्मियों ने ध्वस्त कर दिया।
सैन्य अधिकारियों ने प्राधिकरण अफसरों को खरी-खोटी सुनाई और कहा कि यदि वह इस शिकायत का संज्ञान तीन साल पहले ही ले लेते तो कर्नल को जेल नहीं जाना पड़ता। एडीएम ने तीन साल पहले भवन खरीदा था और उसमें गैराज से लेकर भवन में अतिक्रमण कर दिया था। वीरेंद्र के घर के ऊपर जबरन छज्जा बना लिया गया था जिससे घर में हवा और धूप आनी बंद हो गई थी।
सैन्य अधिकारियों ने प्राधिकरण अफसरों को खरी-खोटी सुनाई और कहा कि यदि वह इस शिकायत का संज्ञान तीन साल पहले ही ले लेते तो कर्नल को जेल नहीं जाना पड़ता। एडीएम ने तीन साल पहले भवन खरीदा था और उसमें गैराज से लेकर भवन में अतिक्रमण कर दिया था। वीरेंद्र के घर के ऊपर जबरन छज्जा बना लिया गया था जिससे घर में हवा और धूप आनी बंद हो गई थी।